राजस्थान में 67 साल की एक हथिनी की मौत के बाद, कमर्शियल फोटोशूट के लिए जानवरों के इस्तेमाल को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। यह मामला तब शुरू हुआ जब एक फैशन शूट के दौरान हाथी गुलाबी पाउडर से रंगा हुआ तस्वीरों के जरिए ऑनलाइन वायरल हो गया।

राजस्थान में 67 साल की एक हथिनी की मौत के बाद, कमर्शियल फोटोशूट के लिए जानवरों के इस्तेमाल को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। यह मामला तब शुरू हुआ जब एक फैशन शूट के दौरान हाथी गुलाबी पाउडर से रंगा हुआ तस्वीरों के जरिए ऑनलाइन वायरल हो गया।
जयपुर में पर्यटकों की सवारी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 'चंचल' नाम की इस हथिनी को नवंबर 2025 में एक सुनसान मंदिर के पास फोटोशूट के दौरान गुलाबी गुलाल से ढका गया था और उससे एक मॉडल को बिठाकर ले जाया गया था।
ये तस्वीरें फरवरी 2026 तक ज़्यादातर लोगों की नज़र में नहीं आईं। फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा ने इन्हें सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसके बाद जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं और यूज़र्स ने इसकी ज़ोरदार आलोचना की।
कुछ महीनों बाद चंचल की मौत हो गई। 'बोरेड पांडा' नाम के इंस्टाग्राम पेज पर अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि बुढ़ापे की वजह से हाथी को कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) पड़ा था। अधिकारियों का कहना था कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि रंगीन पाउडर की वजह से सीधे तौर पर उसकी मौत हुई।
हालांकि, इस घटना ने काम करने वाले बूढ़े हाथियों के साथ किए जाने वाले बर्ताव पर बहस को और हवा दी। आलोचकों का तर्क था कि उम्र ज़्यादा होने के बावजूद चंचल का इस्तेमाल कमर्शियल कामों के लिए किया जा रहा था और उसे एक मॉडल को अपनी पीठ पर बिठाकर फोटोशूट में हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उसकी भलाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए।
आलोचना के बाद जब फ़ोटोग्राफ़र जूलिया बुरुलेवा को ऑनलाइन अपशब्द और धमकियां मिलने लगीं, तो विवाद का रुख़ उनकी ओर भी मुड़ गया। इस बीच, राजस्थान प्रशासन ने इस फ़ोटोशूट की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ज़रूरी मंज़ूरी ली गई थी और क्या इवेंट से पहले चंचल की भलाई का उचित ध्यान रखा गया था।
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