उत्तराखंड के मशहूर जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के गर्जिया जोन से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद अद्भुत और खुश करने वाली खबर आई है। यहां जंगल में एक जंगली हथिनी ने दो स्वस्थ जुड़वां (Twins) बच्चों को जन्म दिया है। हाथियों के कुनबे में जुड़वां बच्चों का पैदा होना किसी कुदरती चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि पूरी दुनिया में ऐसा सिर्फ 1 फीसदी मामलों में ही ऐसा देखने को मिलता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर ये जुड़वां बच्चे अलग-अलग जेंडर (एक नर और एक मादा) के हों, तो यह मामला और भी ज्यादा दुर्लभ हो जाता है।
क्यों इतना अनोखा है हाथियों में जुड़वां बच्चों का होना?
धरती पर रहने वाले सभी स्तनधारी (Mammals) जीवों में हाथियों का प्रेग्नेंसी पीरियड (गर्भकाल) सबसे लंबा होता है। एक हथिनी को बच्चा पैदा करने में 18 से 22 महीने (करीब पौने दो साल) का समय लगता है। इतने लंबे समय के बाद आमतौर पर हथिनी एक ही बच्चे को जन्म देती है।
'सेव द एलीफेंट्स' संस्था के रिसर्चर जियाकोमो डी'अमैंडो बताते हैं कि हथिनी तभी जुड़वां बच्चों को जन्म देती है, जब उसकी सेहत और पर्यावरण की स्थितियां बिल्कुल अनुकूल हों। इससे पहले अफ्रीका के केन्या में साल 2023 और 2022 में जुड़वां बच्चे रिकॉर्ड किए गए थे, जबकि उससे पहले ऐसा सीधा साल 2006 में देखा गया था। तंजानिया, श्रीलंका, भारत और नेपाल में भी ऐसे बेहद इक्का-दुक्का मामले ही सामने आए हैं।
मां पर होता है भारी दबाव, जिंदा रहना बड़ी चुनौती
जंगल में जुड़वां बच्चों को जन्म देना हथिनी के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होता है:
दूध की कमी: दो बच्चों को एक साथ दूध पिलाने के लिए मां के शरीर में पर्याप्त दूध नहीं बन पाता, जिससे बच्चों को पूरा पोषण नहीं मिलता।
खतरे में जान: शुरुआती दो साल हाथी के बच्चों के विकास के लिए सबसे जरूरी होते हैं। पोषण की कमी और शिकारियों (जैसे शेर, बाघ) के डर की वजह से जंगलों में अक्सर जुड़वां बच्चों में से किसी एक की मौत हो जाती है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कॉर्बेट पार्क में पैदा हुए दोनों बच्चे फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे रहे हैं।
आखिर क्यों पैदा होते हैं जुड़वां बच्चे?
वैज्ञानिकों के पास अभी तक इसका कोई सटीक जवाब नहीं है, लेकिन इसके पीछे कुछ अनुमान लगाए जाते हैं, जैसे हथिनी की उम्र और उसके शरीर की मजबूती जुड़वां बच्चे पैदा होने की वजह हो सकती है।
तंजानिया के एक नेशनल पार्क की रिसर्च में सामने आया था कि जब जंगल में शिकारियों का खतरा कम होता है और हाथियों को भरपूर खाना मिलता है, तो उनके जुड़वां बच्चे पैदा होने के चांस थोड़े बढ़ जाते हैं।
इंसानों की तरह हाथियों में भी यह जेनेटिक हो सकता है, यानी कुछ हथिनियों के शरीर की बनावट ऐसी होती है कि वे जुड़वां बच्चों को जन्म दे सकती हैं।
कॉर्बेट पार्क में हुआ यह अनोखा जन्म हमें याद दिलाता है कि इन बेजुबान जीवों के रहने की जगहों (Habitats) को बचाना और जंगलों को सुरक्षित रखना हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए कितना जरूरी है।