गाजियाबाद में ट्रैफिक जाम अब पुरानी बात हो सकती है। चौराहों पर घंटों फंसे रहने की झुंझलाहट से लोगों को राहत देने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक स्मार्ट पहल की शुरुआत की है। शहर के ट्रैफिक सिग्नल अब पहले जैसे स्थायी टाइमिंग पर नहीं चलेंगे, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक के दबाव को देखकर सिग्नल की रेड और ग्रीन लाइट का समय बदला जाएगा। ये बदलाव खासतौर पर उन घंटों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, जब दिल्ली और नोएडा की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। सुबह और शाम के समय ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाने के लिए ग्रीन सिग्नल के समय को बढ़ाया जाएगा ताकि वाहनों को रुकना न पड़े।
इस नई व्यवस्था से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था न केवल स्मार्ट बनेगी बल्कि लोगों का कीमती समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। अब सिग्नल पर खड़े रहना नहीं, आगे बढ़ना होगा आसान।
हर दिशा में ट्रैफिक के अनुसार होगा समय तय
अब ट्रैफिक सिग्नल का संचालन 'वन टाइम फिक्स' नहीं होगा, बल्कि दिन के अलग-अलग समय में वाहनों की संख्या के अनुसार ग्रीन और रेड सिग्नल का समय बदला जाएगा। उदाहरण के लिए, सुबह के समय दिल्ली और नोएडा जाने वाले रास्तों पर ग्रीन सिग्नल का समय बढ़ाया जाएगा, ताकि ज्यादा संख्या में लोग बिना देर किए गंतव्य तक पहुंच सकें।
कमिश्नरेट बनने के बाद ट्रैफिक में लाया गया सुधार
गाजियाबाद में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रैफिक सिग्नलों को मैन्युअली नियंत्रित किया जा रहा है। सिग्नलों की टाइमिंग वाहनों की संख्या के हिसाब से तय की जाती है, लेकिन अब इसे और ज्यादा स्मार्ट बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
ट्रैफिक लोड के आधार पर होगी मॉनिटरिंग
एडीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद के मुताबिक, सुबह और शाम के ट्रैफिक पैटर्न में फर्क होता है। दिनभर में अलग-अलग समय पर अलग दिशाओं में वाहनों की संख्या बढ़ती है। इसलिए ये जरूरी हो गया है कि सिग्नल टाइमिंग को फ्लेक्सिबल बनाया जाए ताकि लोगों को जाम का सामना न करना पड़े।
स्मार्ट सिटी की ओर एक और कदम
ये पहल गाजियाबाद को स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की दिशा में आगे बढ़ाने वाला कदम है। भविष्य में ट्रैफिक टाइमिंग को ऑटोमैटिक सेंसर्स और डेटा-एनालिसिस तकनीकों से जोड़ा जा सकता है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन और प्रदूषण की समस्या भी कम होगी।