दुनिया भर में अगर जहरीले जीवों की बात होती है, तो सबसे पहले नाम जहरीले सांपों का ही आता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटा-सा मेंढक भी उतना ही खतरनाक हो सकता है? सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन सच्चाई यही है। गोल्डन पॉइजन फ्रॉग नामक मेंढक दिखने में जितना सुंदर होता है, उतना ही जानलेवा भी है। इसकी चमकदार त्वचा और चटकीले रंग इसे देखने में बेहद आकर्षक बनाते हैं, लेकिन यही रंग इसके खतरनाक ज़हर का इशारा भी हैं। इस छोटे से मेंढक में इतना जहर होता है कि ये एक बार में करीब 10 वयस्क इंसानों की जान ले सकता है।
कोलंबिया के वर्षा वनों में पाया जाने वाला ये जीव आदिवासियों के हथियारों पर जहर चढ़ाने के काम भी आता रहा है। वैज्ञानिक भी अब इसके जहर से दवाइयों की संभावनाएं तलाश रहे हैं। आइए जानते हैं इस रहस्यमय जीव के बारे में विस्तार से।
सिर्फ दो इंच का जानलेवा मेंढक
इस छोटे से मेंढक की लंबाई लगभग दो इंच होती है, लेकिन इसके जहर की ताकत हैरान कर देने वाली है। कोलंबिया के आदिवासी शिकारी सदियों से इसके जहर का इस्तेमाल अपने तीरों पर करते आए हैं।
नेशनल जियोग्राफिक के अनुसार, इस मेंढक के जहरीले होने की सही वजह का पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जाता है कि ये जहर इसे खाए जाने वाले जहरीले कीड़े और पौधों से प्राप्त होता है। यही कारण है कि दुनिया के बाकी हिस्सों में पाए जाने वाले इसी प्रजाति के मेंढक जहरीले नहीं होते।
गोल्डन पॉइजन फ्रॉग को छूना भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसकी त्वचा से निकला ज़हर इंसान की स्किन को छूते ही असर दिखाने लगता है – नब्ज धीरे-धीरे बंद होने लगती है और कुछ ही समय में व्यक्ति की मौत हो सकती है।
चिकित्सा जगत में उम्मीद की किरण
इतना जहरीला होने के बावजूद वैज्ञानिक इस मेंढक से मेडिकल रिसर्च की नई राहें तलाश रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसके जहर से बेहद प्रभावी पेन किलर दवाएं बनाई जा सकती हैं, जिस पर अभी शोध चल रहा है।
कई रंगों में नजर आने वाला जहर
ये मेंढक आमतौर पर पीले, नारंगी या हरे रंग में दिखाई देता है। इसके रंग स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। ये मुख्य रूप से चींटी, दीमक और मक्खियों जैसे छोटे कीड़ों को खाता है।
गोल्डन पॉइजन फ्रॉग की 100 से अधिक प्रजातियां हैं, जिनमें ज्यादातर कोलंबिया के वर्षा वनों में पाई जाती हैं। लेकिन जंगलों की कटाई और प्राकृतिक आवास की बर्बादी से इस मेंढक का अस्तित्व खतरे में है।