आजकल हर महीने कोई नया मोबाइल फोन लॉन्च हो जाता है और लोग पुराने फोन को बिना सोचे-समझे एक कोने में रख देते हैं या फिर फेंक देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही पुराने फोन एक दिन किसी बड़े इनोवेशन का हिस्सा बन सकते हैं? एस्टोनिया के वैज्ञानिकों ने हाल ही में ऐसा कुछ कर दिखाया है, जिससे टेक्नोलॉजी की दुनिया में हलचल मच गई है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि पुराने स्मार्टफोन सिर्फ बेकार कबाड़ नहीं, बल्कि भविष्य में बड़े काम आ सकते हैं।
इस रिसर्च ने ये सोच बदल दी है कि तकनीक का मतलब सिर्फ नया होना नहीं है, बल्कि पुराने में भी नया बनाया जा सकता है। ये खोज न सिर्फ टेक्नोलॉजी को नया रास्ता दिखा रही है, बल्कि पर्यावरण को भी बचाने की एक अनोखी कोशिश है।
3D प्रिंटेड मिनी डाटा सेंटर का निर्माण
इसके बाद चार पुराने स्मार्टफोन्स को एक साथ जोड़कर एक मिनी डाटा सेंटर तैयार किया गया, जिसे 3D प्रिंटर की मदद से बनाया गया। ये छोटा लेकिन ताकतवर डाटा सेंटर शहरों में कई अहम कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
ये इनोवेटिव रिसर्च एस्टोनियन रिसर्च काउंसिल के वैज्ञानिकों द्वारा की गई है। उन्होंने दावा किया है कि इस तकनीक की मदद से पुराने मोबाइल अब स्मार्ट शहरों और समुद्री अनुसंधान में मददगार बन सकते हैं।
बस स्टॉप पर यात्रियों की गिनती करेगा
इस डाटा सेंटर का सबसे शानदार इस्तेमाल शहरों में बस स्टॉप जैसी जगहों पर किया जा सकता है, जहां ये यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड कर सकता है। इससे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
समुद्र के अंदर भी टेस्टिंग सफल
शोधकर्ताओं ने इस टेक्नोलॉजी को समुद्र के अंदर भी टेस्ट किया है, जहां इसका उपयोग समुद्री जीवों की संख्या गिनने के लिए किया गया। पहले ये काम प्रशिक्षित गोताखोर करते थे, लेकिन अब तकनीक से ये काम सटीक और सुरक्षित तरीके से होगा।
इलेक्ट्रॉनिक कचरा होगा कम
इस टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे इलेक्ट्रॉनिक कचरा कम होगा। जो फोन हम कचरे में फेंकने की सोचते हैं, वही अब पर्यावरण संरक्षण और स्मार्ट तकनीक का जरिया बनेंगे।