ट्रेन यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए लोअर बर्थ सबसे पसंदीदा मानी जाती है। इस पर बैठना और उठना आसान होता है, इसलिए बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ सफर करने वालों के लिए यह खास तौर पर जरूरी हो जाती है। ज्यादातर यात्री टिकट बुक करते समय यही उम्मीद करते हैं कि उन्हें लोअर बर्थ मिल जाए, ताकि सफर बिना किसी परेशानी के पूरा हो सके। लेकिन कई बार कन्फर्म टिकट होने के बावजूद लोअर बर्थ नहीं मिल पाती, जिससे यात्रा थोड़ी मुश्किल हो जाती है।
ऐसे में लोग समझ नहीं पाते कि आखिर ऐसा क्यों होता है। दरअसल, इसके पीछे कुछ नियम और छोटी-छोटी बातें होती हैं, जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो लोअर बर्थ मिलने की संभावना काफी बढ़ सकती है।
रेलवे का नियम क्या कहता है?
रेलवे की व्यवस्था के अनुसार सीनियर सिटीजन (पुरुष 60+ और महिलाएं 58+) और 45 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए लोअर बर्थ का अलग कोटा होता है। यह सुविधा स्लीपर से लेकर एसी कोच तक लागू रहती है, लेकिन इसके लिए सही तरीके से बुकिंग करना जरूरी है।
लोअर बर्थ पाने का सही तरीका
टिकट बुक करते समय सीनियर सिटीजन या उपयुक्त श्रेणी का विकल्प जरूर चुनना चाहिए। ध्यान रखें कि एक टिकट (PNR) पर एक या दो सीनियर सिटीजन होने पर ही लोअर बर्थ मिलने की संभावना ज्यादा रहती है। ज्यादा लोगों को एक साथ जोड़ने से यह संभावना कम हो जाती है।
अगर ट्रेन में पहले ही लोअर बर्थ भर चुकी हो या आप आखिरी समय में टिकट बुक कर रहे हों, तो सीट मिलने की संभावना घट जाती है। इसके अलावा महिलाओं या विशेष श्रेणी का कोटा फुल होने पर भी लोअर बर्थ नहीं मिल पाती।
अक्सर लोग बुकिंग के दौरान सही विकल्प नहीं चुनते, जिसकी वजह से उन्हें यह सुविधा नहीं मिल पाती। इसलिए टिकट करते समय हर डिटेल सही भरना जरूरी है।
सही प्लानिंग से आसान होगा सफर
अगर आप चाहते हैं कि सफर आरामदायक रहे, तो टिकट बुक करते समय थोड़ी सावधानी जरूर बरतें। सही विकल्प चुनकर और समय पर बुकिंग करके आप आसानी से लोअर बर्थ पाने की संभावना बढ़ा सकते हैं।