भारत में IIT-IIM में दाखिला मिलना बड़ी कामयाबी माना जाता है, लेकिन क्या अच्छी जिंदगी के लिए प्रतिष्ठित डिग्री जरूरी है? IIM अहमदाबाद से पढ़े एक शख्स की सोच ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। वह नहीं चाहते कि उनके बच्चे सिर्फ समाज की उम्मीदों पर खरे उतरने के लिए IIT या IIM का रास्ता चुनें। उनके मुताबिक, जिंदगी में अपनी पसंद से काम करना और खुश रहना भी उतना ही मायने रखता है। उनकी यह सोच ऐसे समय में सामने आई है, जब लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सालों लगा देते हैं और परिवार भी उनसे बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद करते हैं।
