गर्मियों का मौसम आते ही आम का स्वाद भी दस्तक दे देता है, और इसे "फलों का राजा" माना जाता है। चाहे छोटे हों या बड़े, सभी के लिए ये फल खास होता है। दुनिया भर में लगभग 1000 प्रकार के आम पाए जाते हैं, जिनमें से कई किस्में लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। खासकर कच्चे आम की चटनी और खटाई का स्वाद गर्मी में और भी बढ़ जाता है। इस समय लोग आम की ताजगी का आनंद लेने के लिए इंतजार करते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कच्चे आम की चटनी लू की समस्या से राहत दिलाने में मददगार होती है।
आम न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि इसके पोषक तत्व भी शरीर के लिए लाभकारी होते हैं। यही कारण है कि हर कोई गर्मियों में इसे खाने के लिए बेकरार रहता है। तो इस गर्मी में आम के स्वाद का मजा लें और अपने शरीर को तरोताजा रखें।
भारत में आम की कई किस्में पाई जाती हैं, लेकिन अगर बात करें सबसे महंगे आम की, तो वो है अल्फांसो आम। इस आम का स्वाद इतना खास है कि इसे "आमों का राजा" भी कहा जाता है। इसकी कीमत 1000 से 1300 रुपये प्रति आम तक होती है। हालांकि, ये आम बहुत महंगा होने के बावजूद लोग इसे एक बार जरूर चखना चाहते हैं। इसकी त्वचा पीली होती है, और इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक आम से आपका मन नहीं भरता। इसे हापुस भी कहा जाता है, जो मई से जून तक बाजार में मिलता है।
अल्फांसो आम का मुख्य उत्पादन भारत के रत्नागिरी में होता है, जहां इसे खास देखभाल के साथ उगाया जाता है। इसका वजन 150 से 300 ग्राम के बीच होता है, और यह जीटैग (Geographical Indication Tag) प्राप्त कर चुका है। ये आम अपने अद्वितीय स्वाद और विशेष देखभाल के कारण बहुत लोकप्रिय है। रत्नागिरी के अलावा, गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी इसका उत्पादन होता है।
अल्फांसो आम का निर्यात पूरी दुनिया में होता है, खासकर यूरोप में जहां इस आम की बहुत मांग है। ये आम न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसका जूस भी बाजार में उपलब्ध है, जो और भी ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। हालांकि, इसकी कीमत के कारण इसे बहुत कम लोग ही खरीद पाते हैं। हर साल, भारत से इस आम की कई टन वैरायटी विदेश भेजी जाती है, जहां लोग इसे चाव से खाते हैं और इसके विभिन्न तरीकों से उपयोग करते हैं।
इस आम का विज्ञापन बॉलीवुड अभिनेत्री कैटरीना कैफ ने किया है, और ये भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में एक विशेष स्थान रखता है। अल्फांसो आम की खपत केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी होती है। इस आम को चखने का अनुभव बेहद लाजवाब होता है, और अगर कभी मौका मिले तो इसे जरूर आजमाएं।