अमेरिका में करियर बनाने का सपना लेकर पहुंची भारतीय महिला रुचिका जैन की नौकरी जाने की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उन्होंने अपनी पहली अमेरिकी नौकरी से जुड़े अनुभव को साझा करते हुए बताया कि किस तरह छह महीने काम करने के बाद अचानक उनकी भूमिका खत्म कर दी गई। रुचिका के लिए यह झटका इसलिए भी बड़ा था क्योंकि वह कंपनी से फुल टाइम ऑफर लेटर मिलने का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने बताया कि प्रोबेशन पूरा करने और लगातार मेहनत करने के बावजूद उन्हें बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के नौकरी से हटाने की जानकारी दी गई।
इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में रुचिका ने अपनी भावनाएं जाहिर कीं, जिसके बाद कई लोगों ने उनके अनुभव से खुद को जोड़ते हुए समर्थन दिया। उनकी कहानी ने विदेश में नौकरी की अनिश्चितता और कॉर्पोरेट दुनिया की चुनौतियों पर नई चर्चा छेड़ दी है।
काम पर लॉगिन किया, फिर मैनेजर का आया कॉल
रुचिका एक स्टार्टअप में सोशल मीडिया ग्रोथ मैनेजर के पद पर काम कर रही थीं। उन्होंने बताया कि एक दिन उन्होंने हमेशा की तरह काम शुरू किया, लेकिन कुछ देर बाद मैनेजर का फोन आया और उन्हें बताया गया कि कंपनी ने उनका पद खत्म करने का फैसला लिया है। इसके तुरंत बाद उनके सभी वर्क अकाउंट्स भी बंद कर दिए गए। रुचिका के लिए यह काफी अचानक था क्योंकि उन्हें ऐसी किसी कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी।
प्रोबेशन पूरा हुआ, फिर भी नहीं मिला ऑफर लेटर
रुचिका ने बताया कि उन्होंने कंपनी में तीन महीने का प्रोबेशन पीरियड सफलतापूर्वक पूरा किया था। इसके बाद उन्हें मौखिक रूप से बताया गया था कि वह फुल टाइम कर्मचारी बन चुकी हैं और जल्द ही नया ऑफर लेटर जारी कर दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने कई बार कंपनी से इस दस्तावेज के बारे में पूछा, लेकिन करीब ढाई महीने इंतजार करने के बाद भी उन्हें ऑफर लेटर नहीं मिला।
बजट कटौती का हवाला देकर खत्म किया पद
रुचिका के अनुसार, कंपनी ने उन्हें बताया कि बजट कम करने के कारण उनकी भूमिका को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैनेजर ने उनके काम की तारीफ की और उनके योगदान को स्वीकार किया, लेकिन आर्थिक कारणों का हवाला देते हुए कंपनी ने यह फैसला लिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कोई नोटिस पीरियड नहीं दिया गया, जिससे यह अनुभव और ज्यादा मुश्किल बन गया।
काम के लिए निजी जिंदगी से भी किया समझौता
रुचिका ने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्होंने इस नौकरी को पूरी मेहनत और लगन के साथ किया था। दिसंबर में कंपनी जॉइन करने के बाद उन्होंने खुद को साबित करने के लिए काफी मेहनत की। उन्होंने बताया कि क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के दौरान भी उन्होंने काम को प्राथमिकता दी। यहां तक कि दादा के निधन के बाद भी वह घर नहीं गईं, क्योंकि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को निभाना जरूरी लगा। उन्होंने यह भी बताया कि ऑफिस के समय के बाद भी वह कंटेंट तैयार करती थीं और इसी दौरान उन्हें कमर में तेज दर्द की समस्या भी हुई।
मुश्किल अनुभव के बावजूद नहीं छोड़ी उम्मीद
नौकरी जाने के बाद भी रुचिका ने सकारात्मक सोच बनाए रखी। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन इससे उन्हें कई महत्वपूर्ण सीख मिलीं। उनका कहना है कि जिंदगी हमेशा हमारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं चलती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आगे बढ़ना छोड़ देना चाहिए।
सोशल मीडिया पर लोगों ने बढ़ाया हौसला
रुचिका की कहानी वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें समर्थन दिया। लोगों ने कहा कि नौकरी जाना जिंदगी का अंत नहीं है और यह अनुभव उन्हें भविष्य में और मजबूत बनाएगा। कई यूजर्स ने अपने साथ हुए ऐसे ही अनुभव साझा करते हुए बताया कि करियर में मुश्किल दौर आते हैं, लेकिन धैर्य और आत्मविश्वास के साथ उनसे बाहर निकला जा सकता है।