भारत के सबसे प्रतिष्ठित पारंपरिक शिल्प यानि ट्रेडिशनल क्राफ्ट में से एक कोल्हापुरी चप्पल न केवल घरेलू फैशन जगत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी नए सिरे से लोकप्रिय हो रही है। अपनी जटिल कारीगरी और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध इस प्रोडक्ट को अब QR कोड के साथ बेचा जाएगा ताकि नकली प्रोडक्ट्स पर रोक लगाई जा सके। कोल्हापुरी चप्पल को भौगोलिक संकेतक यानि GI (Geographical Indication) टैग मिला हुआ है। GI टैग ऐसे प्रोडक्ट्स को मिलता है, जो ओरिजिनली किसी खास जगह या चुनिंदा जगहों पर भी बनते हैं और उस जगह की पहचान होते हैं।
