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90 साल उम्र और सालाना ₹2 लाख प्रीमियम वाली जीवन बीमा पॉलिसी, 2124 में होगी मेच्योर, Canara Bank में फ्रॉड

Life Insurance Policy Mis-selling: कई बार ऐसा सुनने में आता है कि लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को गलत तरीके से बेचा गया। अब ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें सालाना 2 लाख प्रीमियम वाली जीवन बीमा पॉलिसी केनरा बैंक (Canara Bank) में एक 90 वर्षीय शख्स को गलत तरीके से बेची गई जिसकी मेच्योरिटी वर्ष 2124 में है। समझें क्या है पूरा मामला?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 08, 2026 पर 2:09 PM
90 साल उम्र और सालाना ₹2 लाख प्रीमियम वाली जीवन बीमा पॉलिसी, 2124 में होगी मेच्योर, Canara Bank में फ्रॉड
Life Insurance Policy Mis-selling: महाराष्ट्र की एक घटना ने बैंक के जरिए बेचे जाने वाली इंश्योरेंस पॉलिसी में मिस-सेलिंग, नैतिकता में चूक और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। (File Photo- Pexels)

Life Insurance Policy Mis-selling: महाराष्ट्र के नागपुर में रहने वाले एक 90 वर्षीय शख्स वेंकटचलम वी अय्यर के साथ वर्ष 2124 में मेच्योर होने वाली लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम को लेकर धोखाधड़ी का एक अनोखा मामला सामने आया है। आरोपों के मुताबिक केनरा बैंक (Canara Bank) की एक ब्रांच के मैनेजर ने उन्हें सालाना ₹2 लाख प्रीमियम वाली पॉलिसी बेच दी। इस मामले को जब X (पूर्व नाम Twitter) पर साकेत आर नाम के यूजर ने पोस्ट किया तो इसने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है। इस घटना ने बैंक के जरिए बेचे जाने वाली इंश्योरेंस पॉलिसी में मिस-सेलिंग, नैतिकता में चूक और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केनरा बैंक ने इस मामले में साकेत की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है कि वह इस मामले को अपनी एक टीम के पास भेज रहे हैं लेकिन बैंक ने पब्लिक कमेंट में मिस-सेलिंग को लेकर कोई कमेंट नहीं किया है।

कैसे खुला मामला?

साकेत आर का कहना है कि उनकी पत्नी के दादा यानी वेंकटचलम वी का दशकों से केनरा बैंक की उस ब्रांच में खाता रहा है, जहां उन्हें गलत तरीके से लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी बेची गई। दावे के मुताबिक पिछले साल फरवरी में इस पॉलिसी को आखिरी रूप दिया गया और उनके बचत खासे से पहले ₹2 लाख काट लिए गए थे। मामला तब सामने आया जब उन्हें अगले प्रीमियम को लेकर बैंक से एक अलर्ट मिला, जिससे वे घबरा गए और उन्होंने अपने परिवार को इसकी जानकारी दी। साकेत के मुताबिक 90 वर्षीय वेंकटचलम ने अपने ब्रांच मैनेजर पर भरोसा किया जिसका दुरुपयोग किया गया।

अपने ट्वीट में साकेत ने कहा कि यह पॉलिसी तत्काल और बहुत जरूरी बताकर बेची गई थी जिसे वेंकटचलम पर सहमति देने का दबाव बना। उम्र और वित्तीय जानकारी के अभाव में, चूंकि वह मैनेजर पर भरोसा करते थे तो उन्होंने बिना सही तरह से समझे इस पॉलिसी के लिए सहमति दे दी। साकेत का कहना है कि 90 साल की उम्र में मैनेजर ने उन्हें ₹2 लाख सालाना प्रीमियम वाली जीवन बीमा पॉलिसी बेच दी और दो वर्षों में खाते से हर साल ₹2 लाख काटे गए, यानी कुल ₹4 लाख का प्रीमियम वसूला गया जो वेंकटचलम की जीवनभर की बचत का एक बड़ा हिस्सा है।

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