भारत के सबसे प्रतिष्ठित आध्यात्मिक केंद्रों में से एक और भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा अपने धार्मिक कलेवर और सदियों पुरानी परंपराओं के लिए जाना जाता है। उत्सव और आस्था से भरे इस माहौल के बीच अब से करीब 63 साल पहले मथुरा में एक ऐसा रेल हादसा हुआ, जिसके यादें आज भी उन लोगों के जेहन में ताजा है, जिन्होंने इसे देखा था। 1962 में गोवर्धन मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान हुई इस विनाशकारी घटना ने एक पवित्र उत्सव को खूनखराबे और राष्ट्रीय शोक में बदल दिया।
