MP News: मध्य प्रदेश से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर रील बनाने वाला एक टैक्सी चालक करोड़पति पाया गया है। पुलिस उस वक्त हैरान रह गई, जब अवैध हथियारों की तलाश में की गई एक छापेमारी के दौरान ऑटो-रिक्शा चालक के घर से करीब तीन करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई। सागर जिले में सोशल मीडिया पर पिस्तौल लहराते हुए वीडियो पोस्ट करने वाले दो भाइयों का पता लगाने के दौरान पुलिस ने उनमें से एक के घर की बंद अलमारी से तीन करोड़ रुपये से अधिक की कैश बरामद की।
हालांकि, रविवार को हुई पुलिस जांच में आरोपी के घर से कोई पिस्तौल बरामद नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक (SP) अनुराग सुजानिया ने सोमवार 17 अगस्त को बताया कि सौरभ अहिरवार और उसके भाई ने कथित तौर पर पिस्तौल लहराते हुए इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किए थे। इसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी।
SP अनुराग सुजानिया ने बताया कि जब पुलिस की एक टीम पिस्तौल बरामद करने के लिए अहिरवार के घर पहुंची तो उन्होंने एक बंद अलमारी देखी। उन्होंने कहा, "जब पुलिस टीम ने उन्हें अलमारी खोलने के लिए कहा तो उसने आनाकानी की और कहा कि उनके पास चाबी नहीं है।" सुजानिया ने पत्रकारों से कहा, "पुलिस ने अलमारी का ताला तोड़ दिया, जिसके बाद एक बैग में तीन करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब नकदी बरामद हुई।"
न्यूज एजेंसी पीटीआई को अधिकारियों ने बताया कि अहिरवार का भाई ऑटो रिक्शा चलाता है। दोनों भाइयों का दावा है कि यह रुपया एक रिश्तेदार ने रखा था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों ने दावा किया कि रिश्तेदार ने करीब आठ-नौ साल पहले अलमारी में कैश रखी थी। इतनी बड़ी रकम देखकर पुलिस अधिकारियों को तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देनी पड़ी।
इसके बाद नोटों की गिनती के लिए मशीनें मंगाई गईं। पुलिस और अधिकारियों की टीम को नकदी गिनने में करीब पांच घंटे लग गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बरामद नकदी की रकम करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है।
हथियारों की सूचना पर पहुंची थी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गोपालगंज इलाके में एक व्यक्ति के पास अवैध हथियार हो सकते हैं। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने ऑटो-रिक्शा चालक के घर पर छापा मारा और तलाशी शुरू की। पुलिस को उम्मीद थी कि वहां से अवैध हथियार बरामद होंगे। लेकिन तलाशी के दौरान सामने आया मामला पूरी तरह अलग निकला।
इतनी बड़ी मात्रा में कैश मिलने के बाद मामले की जांच में अन्य विभागों को भी शामिल किया गया। नोटों की गिनती के दौरान राजस्व विभाग की टीम को भी बुलाया गया। वहीं, पुलिस ने आयकर विभाग को भी सूचना दे दी है। अब जांच एजेंसियां बरामद रकम के स्रोत और उसके मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेंगी। यदि कैश के संबंध में संतोषजनक जानकारी या वैध दस्तावेज नहीं मिलते हैं, तो आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।