कुछ सपने बचपन में ही हमारे साथ चल पड़ते हैं। हिमाचल प्रदेश की 25 वर्षीय नेहा ठाकुर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। बचपन में वह अपने पिता को ट्रक चलाते देखती थीं और कई बार उसी ट्रक से स्कूल भी जाती थीं। शायद तभी उनके मन में सड़क, पहाड़ और ट्रक की दुनिया से एक रिश्ता बन गया था। समय के साथ नेहा ने करियर का दूसरा रास्ता चुना। उन्होंने एयर होस्टेस बनने की ट्रेनिंग ली और कुछ समय के लिए लगा कि उनका भविष्य आसमान में होगा। लेकिन जिंदगी ने उन्हें वापस उन्हीं पहाड़ी सड़कों पर ला खड़ा किया, जहां उनका बचपन बीता था।
