Covid 19 XFG Variant: भारत में पैर पसार रहा कोविड-19 का नया XFG वेरिएंट, पहले वाले से है ज्यादा खतरनाक! जानिए क्या है लक्षण और बचाव के उपाय

XFG Variant: XFG वेरिएंट ओमिक्रॉन का एक रिकॉम्बिनेंट सबवेरिएंट है, जो LF.7 और LP.8.1.2 स्ट्रेन के एकदूसरे के साथ मिलने से बना है। यह तब बनता है जब दो वेरिएंट एक ही समय में किसी व्यक्ति को संक्रमित करते है और दोनों के बीच कुछ आनुवंशिक तत्व मिलाते है

अपडेटेड Jul 12, 2025 पर 11:53 AM
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XFG विशेष तौर पर गले को प्रभावित करता है जिससे खराश और आवाज में कर्कशता आती है

Covid-19 XFG Variant: भारत में कोविड-19 का एक नया ओमिक्रॉन सबवेरिएंट, XFG तेजी से फैल रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह वेरिएंट कोविड के प्रति इम्यूनिटी को बायपास करने में सक्षम है। यही वजह है जो हेल्थ एक्सपर्ट्स की चिंताएं बढ़ा रहा है। XFG वेरिएंट सबसे पहले कनाडा में पाया गया और अब भारत सहित 38 देशों में पहुंच गया है, जहां यह कोविड-19 के बढ़ते मामलों का कारण बन रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जून 2025 तक भारत में एक्टिव कोविड-19 मामले 7000 है। XFG वेरिएंट के भी 200 से ज्यादा मामले सामने आए है। आइए आपको बताते हैं कितना खतरनाक है XFG वेरिएंट और इससे कैसे बच सकते है।

कितना खतरनाक है XFG वेरिएंट है?

XFG वेरिएंट ओमिक्रॉन का एक रिकॉम्बिनेंट सबवेरिएंट है, जो LF.7 और LP.8.1.2 स्ट्रेन के एकदूसरे के साथ मिलने से बना है। यह तब बनता है जब दो वेरिएंट एक ही समय में किसी व्यक्ति को संक्रमित करते हैं और दोनों के बीच कुछ आनुवंशिक कंटेन्ट मिलाते है। लैंसेट के एक अध्ययन में चार प्रमुख स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन His445Arg, Asn487Asp, Gln493Glu और Thr572Ile पर प्रकाश डाला गया है, जो वायरस में 'मजबूत इम्यूनिटी सिस्टम' को सक्षम करते है, जिससे XFG पिछली संक्रमणों या टीकों से एंटीबॉडी को बायपास कर सकता है। यानी यह कोविड के अन्य वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।


जीआईएसएआईडी के अनुसार, जून 2025 तक विश्व स्तर पर XFG अनुक्रमित मामलों का 22.7% है, जो एक महीने पहले 7.4% था, और द कन्वर्सेशन के अनुसार जल्द ही NB.1.8.1 पर हावी हो सकता है। भारत में यह मध्य प्रदेश में प्रमुख स्ट्रेन है, जहां AIIMS भोपाल के अनुसार, अनुक्रमित नमूनों का 63.6% है।

XFG के लक्षण क्या है?

XFG के लक्षण ओमिक्रॉन के जैसे- बुखार, खांसी, थकान, गले में खराश और मांसपेशियों में दर्द होना है। हालांकि, XFG विशेष तौर पर गले को प्रभावित करता है जिससे कर्कश आवाज निकलती है।डब्ल्यूएचओ के अनुसार, हाल ही आए JN.1 वेरिएंट जिसमें हल्का बुखार और पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कीं, उसके उलट XFG के लक्षण हल्के से मध्यम है। टाइम के अनुसार, JN.1 को टारगेट करने वाले टीके फिलहाल गंभीर बीमारी के खिलाफ प्रभावी बने हुए है। इसमें पैक्सलोविड और रेमडेसिविर जैसी एंटीवायरल दवाएं काम करती है।

भारत में XFG के कितने मामले सामने आए है?

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, INSACOG के अनुसार 11 जून तक भारत में XFG वेरिएंट के 206 मामले सामने आए है, जिसमें महाराष्ट्र 89 मामलों के साथ सबसे आगे है, इसके बाद पश्चिम बंगाल (49), तमिलनाडु (16), केरल (15), गुजरात (11), और आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश (प्रत्येक में 6), ओडिशा (4), पुडुचेरी (3), दिल्ली, राजस्थान और पंजाब में 2-2, तेलंगाना और हरियाणा 1-1 है। इनमें से अप्रैल और जून में दो-दो मामले पाए गए, वहीं मई में 159 मामले आए जो तेजी से वृद्धि का संकेत देता है। 11 जून तक भारत में सक्रिय कोविड-19 मामले 7,000 तक पहुंच गए, जिसमें केरल में सबसे अधिक सक्रिय मामले (2,200) हैं, इसके बाद गुजरात (1,223) और दिल्ली (757) हैं।

XFG वेरिएंट से बचने के लिए सुरक्षा टिप्स

  • मास्क पहनें, खासकर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर, संभव हो तो जाने से भी बचें।
  • रेगुलर हाथ धोएं और सैनिटाइजर का यूज करें।
  • अगर आपमें कोविड-19 के लक्षण दिखें तो तुरंत टेस्ट कराएं।
  • वैक्सीन और बूस्टर डोज लगवाएं।
  • खाने में ऐसे फलों और सब्जियों को शामिल करें जो आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट करें।

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