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भारत से नॉर्वे पहुंचे भारतीय को Driving Licence के लिए करनी पड़ी इतनी मेहनत, खर्च जानकर उड़ जाएंगे होश

नॉर्वे में ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करना एक भारतीय शख्स के लिए आसान नहीं रहा। विकास ने सोशल मीडिया पर बताया कि 2011 में शुरू हुआ उनका लाइसेंस का सफर करीब दो साल चला और इसमें लगभग 6 लाख रुपये खर्च हुए। उनकी कहानी ने नॉर्वे की सख्त ड्राइविंग प्रक्रिया और भारत की सड़क सुरक्षा पर चर्चा छेड़ दी

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Sep 05, 2026 पर 12:57 PM
भारत से नॉर्वे पहुंचे भारतीय को Driving Licence के लिए करनी पड़ी इतनी मेहनत, खर्च जानकर उड़ जाएंगे होश
विकास ने बताया कि पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें इस सख्त प्रक्रिया की वजह समझ आती है।

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया भारत में भले ही कई लोगों को सामान्य लगती हो, लेकिन नॉर्वे में एक भारतीय के लिए यह अनुभव बेहद लंबा और महंगा साबित हुआ। 2011 में नॉर्वे पहुंचे विकास ने सोशल मीडिया पर अपनी कहानी साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि लाइसेंस हासिल करने में उन्हें करीब दो साल लग गए। इस दौरान उनकी जेब से लगभग 6 लाख रुपये खर्च हुए। विकास के मुताबिक, अगर आज वही प्रक्रिया पूरी करनी पड़े तो खर्च 10 लाख रुपये से भी ज्यादा हो सकता है।

उनकी कहानी सिर्फ लाइसेंस की कीमत और लंबी ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी बताती है कि नॉर्वे में ड्राइविंग को लेकर सुरक्षा और जिम्मेदारी को कितना गंभीरता से लिया जाता है। कई चरणों वाली ट्रेनिंग, प्रैक्टिस और टेस्ट के बाद उन्हें दूसरी कोशिश में सफलता मिली। उनकी यह कहानी अब भारत की ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा छेड़ रही है।

सिर्फ गाड़ी चलाना नहीं, सुरक्षा भी साबित करनी थी

विकास के मुताबिक, शुरुआत में पड़ोसी ने उन्हें ड्राइविंग सिखाने में मदद की। इसके बाद उन्हें कई अनिवार्य कोर्स, थ्योरी टेस्ट, सेफ्टी ट्रेनिंग और लंबे समय तक प्रैक्टिस करनी पड़ी। उनके साथ अभ्यास कराने वाले सुपरवाइजर के पास भी कम से कम पांच साल का ड्राइविंग अनुभव होना जरूरी था।

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