Get App

R Madhavan: 1200 बेकार पड़े बोरवेल को तमिलनाडु के IAS अधिकारी ने दिया जीवनदान, आर. माधवन ने तारीफ में कही ये बड़ी बात

R Madhavan: माधवन ने तमिलनाडु के IAS अधिकारी प्रताप मुरुगन की तारीफ की। उन्होंने 1,200 बेकार पड़े बोरवेल को बारिश का पानी जमा करने वाले यूनिट में बदला, जिससे भूजल का स्तर बढ़ा, कुओं में फिर से पानी आया, हैंडपंप ठीक हुए और तिरुवल्लूर के किसानों को मदद मिली।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jul 30, 2026 पर 2:05 PM
R Madhavan: 1200 बेकार पड़े बोरवेल को तमिलनाडु के IAS अधिकारी ने दिया जीवनदान, आर. माधवन ने तारीफ में कही ये बड़ी बात
बचपन में मुरुगन कई किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल जाते थे और समाज की सेवा करने का सपना देखते थे। सालों बाद, सिविल सर्विस में आने के बाद, उन्हें एक ऐसा पद मिला जहां वे अपने उस सपने को हकीकत में बदल सकते थे।

R Madhavan: एक्टर आर. माधवन ने सोशल मीडिया पर एक प्रेरणादायक सच्ची कहानी शेयर की है। मोटिवेशनल पोस्ट और अच्छे कामों के लिए पहचाने जाने वाले एक्टर ने तमिलनाडु के एक IAS ऑफिसर की तारीफ की, जिन्होंने 1,200 से ज़्यादा बेकार पड़े बोरवेल को रेनवाटर हार्वेस्टिंग यूनिट में बदल दिया।

खबरों के मुताबिक, इस पहल से तिरुवल्लूर ज़िले में ग्राउंडवाटर का लेवल 5 से 10 फ़ीट तक बढ़ गया। इससे सूखे कुएँ फिर से भर गए, हैंडपंप ठीक हो गए और पानी की कमी से जूझ रहे किसानों को राहत मिली।

IAS ऑफिसर प्रताप मुरुगन का जन्म तमिलनाडु के विरुधुनगर में एक किसान परिवार में हुआ था। ऐसे घर में पले-बढ़े जहाX पानी का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर किया जाता था, इसलिए उन्हें कम उम्र में ही पानी की अहमियत समझ आ गई थी। खबरों के अनुसार, परिवार का हर सदस्य पानी इस्तेमाल करने से पहले उसे नापता था, क्योंकि पानी की कमी हमेशा एक चिंता का विषय रहती थी।

बचपन में मुरुगन कई किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल जाते थे और समाज की सेवा करने का सपना देखते थे। सालों बाद, सिविल सर्विस में आने के बाद, उन्हें एक ऐसा पद मिला जहाँ वे अपने उस सपने को हकीकत में बदल सकते थे।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें