राजस्थान के अलवर जिले की एक शांत कॉलोनी में छुपा था एक भयानक राज, जिसने परिवार को तोड़ दिया और पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। आठवीं कक्षा की नाबालिग लड़की, जो अपने घर में मासूम सी जिंदगी जी रही थी, अचानक ही एक गहरे जाल में फंस गई। बिहार का एक युवक, जो मजदूरी के लिए अलवर में रहता था, उसने पीड़िता को अपनी हवस का शिकार बना लिया। अपने पड़ोस की मासूम को बहला-फुसला कर कई बार अपने कमरे में बुलाकर उसने क्रूरता की हदें पार कर दीं।
समय गुजरता गया, लेकिन लड़की चुप रही। डर और शर्म के भारी बोझ ने उसे सन्नाटे में धकेल दिया था। लेकिन जब उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी और उल्टियां शुरू हुईं, तो उसकी मां को कुछ अजीब लगा। शुरुआती इलाज, दवाएं और हाजमोला की गोली देने पर भी जब कुछ नहीं हुआ, तो मां ने बच्ची से सख्ती से पूछा और उसने जो बताया, वो जानकर परिवार की दुनिया ही हिल गई—लड़की गर्भवती थी, और उसका बलात्कार हुआ था।
मां ने हिम्मत जुटाकर पुलिस को इसकी खबर दी। स्थानीय थाने में आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पीड़िता को अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच करवाना पड़ा, जहां गर्भावस्था की पुष्टि हुई। उसके दर्द भरे बयान धारा 164 के तहत रिकॉर्ड किए गए, जो इस कांड की न्यायिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
पुलिस ने तुरंत आरोपी की तलाश शुरू कर दी। आरोपी बिहार का रहने वाला था और बिल्कुल परिवार के पड़ोस में किराए पर रहता था। छानबीन में पता चला कि कई बार उसने इस मासूम के साथ बर्बरता की, और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं वह और किसी को भी इस अपराध का शिकार तो नहीं बनाता रहा।
यह घटना न केवल एक लड़की की जिंदगी बर्बाद करने का मामला है, बल्कि अलवर जैसे शहर में नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस मामले की खबर सामने आते ही स्थानीय महिला संगठनों ने कड़ी कार्रवाई और सख्त सजा की मांग की है। पुलिस ने आरोपी की संभावित लोकेशन पर छापे भी मारे हैं और जल्द गिरफ्तारी का वादा किया है।