सैम ऑल्टमैन ने निखिल कामत को दिखाई भविष्य की दुनिया, कहा-बेसिक इनकम एक सच्चाई होगी

ओपनएआई के सीईओ ने भविष्य की ऐसी तस्वीर दिखाई, जिसमें फिर से पारिवारिक मूल्यों की स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि समाज में फिर से परिवार और समुदार का रोल बढ़ेगा। आर्थिक मामलों में ऐसा बदलाव दिखेगा, जैसा आधुनिक इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया

अपडेटेड Aug 15, 2025 पर 5:38 PM
सैम ऑल्टमैन ने कहा कि आज नई चीजें सीखने की रफ्तार बहुत तेज है। पहले जिन चीजों को सीखने में दशकों लग जाते थे, उन्हें आज काफी कम समय में सीखना मुमकिन है।

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन का मानना है कि भविष्य में बड़े बदलाव देखने को मिलेंग। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बड़ी भूमिका होगी। बेसिक इनकम एक सच्चाई होगी। दरअसल, उन्होंने ये दिलचस्प बातें जीरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत के पॉडकास्ट में ये बातें कहीं। इसमें ज्यादातर बातचीत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उससे आने वाले बदलावों पर केंद्रित रही। दोनों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। ऑल्टमैन ने कहा कि जनरल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पूंजीवाद के नियम तय करेगा। उनका इशारा संपत्ति के बंटवारे से था। अभी संपत्ति के मामले में समाज में काफी असामनता है।

समाज में फिर से परिवार का महत्व बढ़ेगा

ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ ने भविष्य की ऐसी तस्वीर दिखाई, जिसमें फिर से पारिवारिक मूल्यों की स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि समाज में फिर से परिवार और समुदार का रोल बढ़ेगा। आर्थिक मामलों में ऐसा बदलाव दिखेगा, जैसा आधुनिक इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि जब वे यंग थे तब कंप्यूटर रिवल्यूशन से जिस तरह से बदलाव आ रहा था वैसा ही बदलाव आज AI की वजह से आ रहा है। लेकिन, एआई की पहुंच काफी व्यापक है।


इंडिआ एआई का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा बाजार

उन्होंने कहा कि आज नई चीजें सीखने की रफ्तार बहुत तेज है। पहले जिन चीजों को सीखने में दशकों लग जाते थे, उन्हें आज काफी कम समय में सीखना मुमकिन है। उन्होंने यह भी कहा कि आज मौकों की कमी नहीं है। आज कोई व्यक्ति ज्यादा काम कर सकता है। रोजाना वह एक साथ कई काम कर सकता है। उन्होंने इंडिया को एआई का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट बताया। उन्होंने कहा कि अगर आज दुनिया में कोई एक सोसायटी है जो एआई के इस्तेमाल से चीजों को बदलना चाहती है तो वह इंडिया है।

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आज बेंगलुरु-मुंबई के युवाओं के लिए पहले से ज्यादा मौकें

कामत ने ऑल्टमैन से एक दिलचस्प सवाल किया। उन्होंने पूछा कि अगर किसी एक कंपनी का नियंत्रण जीडीपी के 50 फीसदी हिस्से पर हो जाए तो क्या होगा? ऑल्टमैन ने कहा कि ऐसा मुमकिन नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि समाज में अमीरी बढ़ने पर संपति का बंटवारा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि आज मुंबई और बेंगलुरु के 25 साल के व्यक्ति के लिए पहले के मुकाबले काफी ज्यादा मौके हैं। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बड़ी भूमिका है। आज एक छोटी टीम ऐसी चीज बना सकती है, जिसकी पहले कल्पना नहीं की जा सकती थी। आज इंडिया AI का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट है और जल्द यह नंबर एक पायदान पर आ सकता है।

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