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रेलवे ट्रैक के नीचे से ये पत्थर हटे तो ऐसे बदल जाएगा पूरा सिस्टम!

ट्रेन की पटरी के नीचे पड़े छोटे-छोटे पत्थर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं खींचते, लेकिन क्या आप जानते इनके पीछे एक बड़ा कारण छिपा होता है। ये साधारण दिखने वाले पत्थर रेलवे की सेफ्टी और ट्रैक की मजबूती से जुड़े कई जरूरी काम करते हैं। आखिर क्यों हर रेलवे लाइन के नीचे इन्हीं पत्थरों का इस्तेमाल किया जाता है और कैसे ये ट्रेन के सफर को बेहतर बनाते हैं, जानिए आगे।

Roopali Sharmaअपडेटेड Aug 13, 2026 पर 7:00 AM
रेलवे ट्रैक के नीचे से ये पत्थर हटे तो ऐसे बदल जाएगा पूरा सिस्टम!

आपने यदि ट्रेन से सफर किया है, तो पटरियों के नीचे बिछे छोटे-छोटे पत्थर जरूर देखे होंगे। ये पत्थर सिर्फ रेलवे ट्रैक को सजाने के लिए नहीं होते, बल्कि ट्रेन की सेफ्टी, स्पीड और ट्रैक की मजबूती में इनका बड़ा योगदान होता है। इन्हें रेलवे की भाषा में बैलास्ट कहा जाता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये साधारण दिखने वाले पत्थर ट्रेन के इतने भारी वजन को कैसे संभालते हैं? बारिश, कंपन और हजारों टन के दबाव के बावजूद ये रेलवे ट्रैक को कैसे सेफ रखते हैं? तो समझे इसके पीछे का यह खास विज्ञान:

वेट सपोर्ट

ट्रेन का वजन हजारों टन तक पहुंच सकता है, जिससे पटरियों पर बहुत दबाव पड़ता है। बैलास्ट इन पत्थरों के जरिए इस वजन को जमीन पर बराबर फैलाने में मदद करता है। इससे पटरी और स्लीपर अपनी जगह पर मजबूत बने रहते हैं और लंबे समय तक खराब नहीं होते। यानी ये पत्थर ट्रेन के भारी भार को संभालने के लिए एक मजबूत आधार का काम करते हैं।

 

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