Second Chandra Grahan 2026: बीते साल की तरह इस साल भी चार ग्रहण की दुर्लभ खगोलीय घटना होगी। इनमें से साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण और पहला चंद्र ग्रहण हो चुका है। इसके बाद अब आकाश प्रेमियों की नजर दूसरे चंद्र ग्रहण पर टिक गई है। ग्रहण एक खगोलीय घटना होती है, जिसमें सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। जब सूरज और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आती है तो चंद्र ग्रहण लगता है। ग्रहण कोई भी हो, इसे धार्मिक दृष्टि से भी अहम माना जाता है। हिंदू धर्म में इसे अशुभ माना गया है और इससे पहले सूतक लगता है, जिसमें मंदिरों में पूजा-पाठ और अन्य शुभ कार्य भी नहीं होता है। लेकिन सूतक तभी माना जाता है जब ग्रहण भारत में नजर आता है। तो चलिए जानते हैं कि इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा, तारीख, समय और इसे कहां-कहां देखा जा सकेगा ?
कब होगा दूसरा चंद्र ग्रहण?
साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 27-28 अगस्त 2026 को लगेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों से दिखाई देगा। यह चंद्र ग्रहण अपने आप में अनोखा होगा, क्योंकि इस दौरान चंद्रमा का लगभग 93% हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में छिप जाएगा। यह ग्रहण चांद का अधिकांश भाग तांबे जैसा लाल दिखाई देगा। दरअसल, जब चांद पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है, तब उस पर सिर्फ पृथ्वी के वातावरण से मुड़कर पहुंची सूरज की रोशनी पड़ती है, जिसकी वजह से चांद लाल रंग का दिखाई देता है।
दूसरा चंद्र ग्रहण का समय और अवधि
साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगभग 5 घंटे 39 मिनट तक चलेगा। इसकी पूरी प्रक्रिया लंबी होगी। इसकी शुरुआत 28 अगस्त, 01:23 UTC पर होगी और आंशिक ग्रहण का चरम 04:41 UTC होगा, (जब 93% चांद ढक जाएगा)। ये चंद्र ग्रहण 28 अगस्त, 07:02 UTC पर खत्म होगा।
साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और पूर्वी प्रशांत महासागर के हिस्सों में नजर आएगा। भारत में ये दृश्य नहीं है, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा।