Solar Eclipse 2025: इन देशों में नजर आएगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानिए सही तारीख

Solar Eclipse 2025: ग्रहण धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से बड़ी घटना होती है। इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लगेगा। ये खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत में नहीं दिखाई देगा। आइए जानें इसे दुनिया के किन देशों में देखा जा सकेगा।

अपडेटेड Aug 28, 2025 पर 11:56 PM
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21 सितंबर को लगेगा साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण।

Solar Eclipse 2025: ग्रहण खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना होने के साथ ही धार्मिक नजरिये से अहम होती है। सूर्य और चंद्र ग्रहण में धार्मिक दृष्टिकोण से सूतक और राशियों पर असर देखा जाता है। वहीं, खगोलीय नजरिये से ग्रहण के दौरान खगोलशास्त्र के अन्य कारकों पर नजर रखी जाती है। इस साल दूसरा और अंतिम ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगेगा। यह एक खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा। यह ग्रहण 21 सितंबर को रात में 10.59 बजे से लगेगा और 22 सितंबर को 3.23 बजे तक रहेगा। अगर आप भारत में रहने के बावजूद इस ग्रहण को देखना चाहते हैं, तो ये नजारा आप नासा की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव देख सकते हैं।

इन देशों में दिखेगा नजारा

इस सूर्यग्रहण का नजारा न्यूजीलैंड, फीजी, अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में देखने को मिलेगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, क्योंकि ग्रहण की अवधि में हमारे यहां रात होगी। चूंकि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। इस दिन सामान्य दिनों की तरह मंदिरों के दरवाजे खुले रहेंगे और शुद्धि या दान आदि करन की कोई बाध्यता नहीं होगी। बता दें, इस दिन सर्वपितृ अमावस्या भी होगी। सितंबर माह में लगने वाले ग्रहण से जुड़ी एक खास बात है। इससे पहले 7 सितंबर को पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत में दिखाई देगा। इस ग्रहण को अब तक का सबसे बड़ा ग्रहण बताया जा रहा है।

कब लगता है सूर्य ग्रहण?

सूर्य ग्रहण के दौरान भी सूरज, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं। लेकिन सूर्य ग्रहण के दौरान सूरज और धरती के बीच चंद्रमा आ जाता है। इससे पृथ्वी तक पहुंचने वाला प्रकाश पूरी तरह या आंशिक रूप से बाधित हो जाता है। चंद्रमा जब सूर्य को आंशिक रूप से ढक लेता है, तब आंशिक सूर्य ग्रहण होता है। वहीं, पूरी तरह चंद्रमा द्वारा ढके जाने पर पूर्ण सूर्यग्रहण पड़ता है।

सूर्य ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव


यह सूर्य ग्रहण बुध की राशि कन्या में लग रहा है। यह राशि तार्किक सोच, स्वास्थ्य, दिनचर्या और शुद्धिकरण से जुड़ी होती है। ग्रहण का किसी भी व्यक्ति के जीवन में क्या प्रभाव होगा, ये इस बात पर निर्भर करता है कि उस जातक की कुंडली में कन्या राशि किस भाव में स्थित है।

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