रेल यात्रियों के लिए ये हमेशा एक रहस्य बना रहता है कि आखिर ट्रेन टिकट का किराया कैसे तय किया जाता है। कुछ यात्रियों को लगता है कि ये सिर्फ दूरी पर निर्भर करता है, वहीं कई लोग पाते हैं कि एक ही रूट और क्लास में टिकट का दाम समय, तारीख और सीट की उपलब्धता के अनुसार बदल जाता है। यही वजह है कि यात्रियों को पारदर्शिता की उम्मीद रहती है और वे जानना चाहते हैं कि महंगे या सस्ते टिकट के पीछे असली कारण क्या है। इसी जिज्ञासा को ध्यान में रखते हुए एक व्यक्ति ने RTI (Right to Information) के तहत रेलवे से पूछा कि टिकट का बेस फेयर कैसे तय किया जाता है।
