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Indian railway: टिकट महंगा या सस्ता? जानिए रेलवे क्यों नहीं खोलती टिकट फेयर का असली रहस्य

Indian railway update: अक्सर यात्रियों को यह जानने की जिज्ञासा रहती है कि ट्रेन टिकट का किराया किस आधार पर तय होता है। अलग-अलग ट्रेनों, क्लास और समय के अनुसार दाम बदलते हैं, जिससे पारदर्शिता की मांग बढ़ी। इसी कारण एक व्यक्ति ने RTI के जरिए रेलवे से टिकट के बेस फेयर और इसमें शामिल फैक्टरों की जानकारी मांगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 17, 2026 पर 9:27 AM
Indian railway: टिकट महंगा या सस्ता? जानिए रेलवे क्यों नहीं खोलती टिकट फेयर का असली रहस्य
Indian railway update: 25 जनवरी 2024 को दाखिल इस RTI में पूछा गया कि टिकट का बेस फेयर कैसे तय होता है।

रेल यात्रियों के लिए ये हमेशा एक रहस्य बना रहता है कि आखिर ट्रेन टिकट का किराया कैसे तय किया जाता है। कुछ यात्रियों को लगता है कि ये सिर्फ दूरी पर निर्भर करता है, वहीं कई लोग पाते हैं कि एक ही रूट और क्लास में टिकट का दाम समय, तारीख और सीट की उपलब्धता के अनुसार बदल जाता है। यही वजह है कि यात्रियों को पारदर्शिता की उम्मीद रहती है और वे जानना चाहते हैं कि महंगे या सस्ते टिकट के पीछे असली कारण क्या है। इसी जिज्ञासा को ध्यान में रखते हुए एक व्यक्ति ने RTI (Right to Information) के तहत रेलवे से पूछा कि टिकट का बेस फेयर कैसे तय किया जाता है।

इसमें उन्होंने डायनामिक प्राइसिंग, तत्काल टिकट, सीजनल डिमांड, क्लास और दी जाने वाली सुविधाओं जैसे सभी फैक्टरों के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी। ये मामला यात्रियों के लिए बेहद रोचक है क्योंकि ये रेलवे की गोपनीय रणनीति और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन को भी उजागर करता है।

RTI में क्या पूछा गया?

25 जनवरी 2024 को दाखिल इस RTI में पूछा गया कि टिकट का बेस फेयर कैसे तय होता है। इसके साथ ही डायनामिक प्राइसिंग, तत्काल टिकट, सीजनल डिमांड और दी जाने वाली सुविधाओं जैसे पैमानों का किराए पर क्या असर पड़ता है, ये भी जानना चाहा गया। यात्री ये समझना चाहते थे कि टिकट महंगा या सस्ता होने के पीछे असली कारण क्या है।

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