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UPSC के 4 प्रयास, नौकरी और रिश्ता भी गंवाया, आखिर किताबें बेचकर मिले सिर्फ 464 रुपये

26 साल के एक यूपीएससी अभ्यर्थी ने चार प्रयासों के बाद सिविल सेवा की तैयारी छोड़ने का फैसला किया है। तीन बार मुख्य परीक्षा तक पहुंचने के बाद इस साल वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने अपनी किताबें और पढ़ाई का सामान कबाड़ी को बेच दिया, लेकिन इस फैसले के पीछे भावनाओं की लंबी कहानी है

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Aug 25, 2026 पर 4:32 PM
UPSC के 4 प्रयास, नौकरी और रिश्ता भी गंवाया, आखिर किताबें बेचकर मिले सिर्फ 464 रुपये
किताबें बेचकर मिले 464 रुपये उन्होंने अपने पास रखने के बजाय मंदिर में दान कर दिए।

26 साल के एक यूपीएससी अभ्यर्थी की कहानी इन दिनों लोगों को भावुक कर रही है। चार बार सिविल सेवा परीक्षा देने के बाद उन्होंने अब इस सफर को खत्म करने का फैसला किया है। 2023, 2024 और 2025 में वह लगातार मुख्य परीक्षा तक पहुंचे, लेकिन इस साल पहली बार प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने सालों से संभालकर रखी अपनी किताबें, नोट्स और टेस्ट पेपर कबाड़ी को बेच दिए। पहली नजर में यह सिर्फ पुरानी किताबों को हटाने का फैसला लग सकता है, लेकिन इन किताबों के साथ उनकी जिंदगी के कई अहम साल जुड़े थे।

इन्हीं पन्नों के बीच उन्होंने सुबह से रात तक पढ़ाई की, बार-बार टेस्ट दिए और हर असफलता के बाद खुद को फिर खड़ा किया। किताबों के कबाड़ में जाने के साथ उन्हें सिर्फ पढ़ाई का सामान नहीं, बल्कि अपने एक पुराने सपने और उस सपने से जुड़ी यादों को भी पीछे छोड़ना पड़ा।

NCERT से शुरू हुआ सफर, लाक्ष्मीकांत तक पहुंचा

बेची गई किताबों में वे NCERT की किताबें भी थीं, जिनसे उन्होंने तैयारी शुरू की थी। इसके अलावा लाक्ष्मीकांत, पुराने टेस्ट पेपर, नोट्स और अनगिनत अभ्यास सामग्री भी उसी ढेर में शामिल थी। इन किताबों के हर पन्ने के पीछे किसी न किसी दिन की मेहनत थी। कभी सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई, कभी रात के 4 बजे तक उत्तर लिखना और फिर उन्हें बार-बार सुधारना यह सब उसी ढेर का हिस्सा था। उनके लिए किताबें कागज का ढेर नहीं थीं, बल्कि UPSC की पूरी यात्रा की यादें थीं।

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