Vande Bharat Express जैसी प्रीमियम और आधुनिक ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की अपेक्षाएं भी स्वाभाविक रूप से ऊंची होती हैं। तेज रफ्तार, साफ-सुथरा कोच और बेहतर ऑनबोर्ड सुविधाओं के साथ लोग ये मानकर चलते हैं कि उन्हें परोसा जाने वाला भोजन भी उच्च गुणवत्ता और सुरक्षित होगा। खासकर लंबी दूरी की यात्रा में खाना सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि अनुभव का अहम हिस्सा बन जाता है। ऐसे में यदि सर्विस या फूड क्वालिटी को लेकर कोई सवाल उठता है, तो वो चर्चा का विषय बनना तय है।
हाल ही में एक महिला यात्री ने ट्रेन में परोसे गए भोजन की पैकेजिंग और उसे गर्म करने के तरीके पर गंभीर चिंता जताई। उनका दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद यात्रियों के बीच खानपान की सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई।
प्लास्टिक पैकेट में गरम खाना, सेहत पर खतरा?
प्रयागराज से दिल्ली की यात्रा कर रहीं महिला को प्लास्टिक में पैक भोजन परोसा गया। पहली बार तो उन्होंने भूख में खाना खा लिया, लेकिन जब दोबारा वही पैक्ड फूड मिला तो उन्होंने स्टाफ से सवाल किया—क्या इसे उसी पैकेट में माइक्रोवेव किया गया है? जवाब ‘हां’ में मिलने पर उन्होंने पैकेट पर लिखे निर्देश दिखाए, जिनमें सिर्फ ठंडी और सूखी जगह पर रखने की बात थी। माइक्रोवेव सेफ होने का कहीं जिक्र नहीं था।
महिला ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम और एक्स पर साझा किया और इसे पब्लिक हेल्थ से जुड़ा मुद्दा बताया। उनका सवाल था—क्या इस तरह की पैकेजिंग को गरम करना सुरक्षित है, और इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) को टैग किए जाने के बाद विभाग ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यात्री से PNR और मोबाइल नंबर मांगा और आश्वासन दिया कि मामले की जांच होगी। साथ ही यह भी कहा कि इस्तेमाल की जा रही पैकेजिंग सुरक्षित है और इसमें परोसा गया भोजन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है।