मौसम में अचानक बदलाव, काले घने बादल, तेज हवाएं और फिर अचानक आसमान को चीरती हुई बिजली की कड़कड़ाहट यह एक ऐसा नजारा है जो जितना खूबसूरत लगता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि आखिर आसमान में बिजली क्यों और कैसे कड़कती है और यह जमीन पर क्यों गिरती है? हाल ही में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोशल मीडिया पर इस रहस्य से पर्दा उठाते हुए इसके पीछे के दिलचस्प विज्ञान को समझाया है, साथ ही लोगों को सुरक्षित रहने के लिए कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस भी जारी की हैं।
क्या है बिजली गिरने के पीछे का विज्ञान?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिजली कड़कने की पूरी प्रक्रिया बादलों के भीतर होने वाली हलचल से जुड़ी है। जब आसमान में काले घने बादल छाते हैं, तो उनके भीतर पानी की छोटी बूंदें और बर्फ के कण (Ice Crystals) तेज हवा के कारण आपस में लगातार टकराते हैं।
* विद्युत आवेश (Electric Charge) का बनना: इस आपसी टकराव या घर्षण की वजह से बादलों में स्थैतिक बिजली यानी इलेक्ट्रिक चार्ज पैदा होता है। बादल का ऊपरी हिस्सा सकारात्मक (Positive) चार्ज से और निचला हिस्सा नकारात्मक (Negative) चार्ज से भर जाता है।
* अचानक होने वाला डिस्चार्ज: दूसरी ओर, हमारी जमीन पर पॉजिटिव चार्ज होता है। जब बादलों के निचले हिस्से (नकारात्मक) और जमीन (सकारात्मक) के बीच चार्ज का अंतर बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो हवा के बीच का इंसुलेशन टूट जाता है। इसके परिणामस्वरूप, ऊर्जा अचानक एक झटके में डिस्चार्ज होती है, जिसे हम बिजली चमकना या बिजली गिरना (Lightning) कहते हैं।
पहले चमक और बाद में गरज क्यों?
तूफान के दौरान आपने हमेशा ध्यान दिया होगा कि बिजली की तेज चमक पहले दिखाई देती है और उसकी गड़गड़ाहट (Thunder) कुछ सेकंड बाद सुनाई देती है। इसके पीछे का कारण बहुत सरल है प्रकाश की गति (Speed of Light) ध्वनि की गति (Speed of Sound) से कहीं अधिक तेज होती है। बिजली कड़कने पर दोनों चीजें एक साथ पैदा होती हैं, लेकिन रोशनी हम तक तुरंत पहुंच जाती है, जबकि आवाज को पहुंचने में थोड़ा समय लगता है।
बिजली गिरने की घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। IMD ने इस प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए नागरिकों के लिए 'सुरक्षा मंत्र' जारी किए हैं:
* घर के भीतर रहें: जब भी आसमान में बिजली कड़के या तूफान की स्थिति बने, तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित इमारत के अंदर चले जाएं।
* पेड़ों के नीचे कतई न छिपें: अक्सर लोग बारिश से बचने के लिए पेड़ों का सहारा लेते हैं, जो सबसे खतरनाक है। ऊंचे पेड़ बिजली को अपनी तरफ जल्दी आकर्षित करते हैं।
* खुले मैदानों से दूरी बनाएं: यदि आप किसी खुले मैदान, खेत या पार्क में हैं, तो वहां से तुरंत हट जाएं। खुला स्थान बिजली गिरने के लिहाज से बेहद संवेदनशील होता है।
* वाहन में लें शरण: यदि आप यात्रा कर रहे हैं, तो अपनी कार या बंद वाहन के अंदर ही रहें। उसकी धातु की बॉडी आपको सुरक्षित रखने में मदद करती है (बशर्ते आप उसके मेटल पार्ट्स को न छुएं)।
मौसम विभाग का कहना है कि जागरूकता ही इस प्राकृतिक आपदा से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। इसलिए सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!