आपने अक्सर देखा होगा कि जब किसी बंदरिया का बच्चा मर जाता है, तो वो उसके शव को लंबे समय तक अपने साथ लिए घूमती रहती है। कभी घंटों तक तो कभी कई दिनों तक, वो उस छोटे से शव को ऐसे संभालती है जैसे बच्चा अभी भी जिंदा हो। ये दृश्य जितना भावुक करने वाला है, उतना ही रहस्यमय भी रहा है। दशकों से वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर मादा बंदर ऐसा क्यों करती हैं। क्या ये ममता की चरम सीमा है या फिर मौत को स्वीकार न कर पाने की मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया?
