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अवनी राठौड़ ने MBA करने के लिए लिया 30 लाख का लोन और उसे 2 साल में भर भी दिया! जानिए कैसे

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कलकत्ता की ग्रेजुएट अवनी राठौर ने बताया कि उन्होंने अपना 30 लाख रुपये का एमबीए लोन सिर्फ दो साल में चुका दिया। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में उन्होंने अपनी पूरी रणनीति समझाई। उन्होंने बताया कि यह कोई एक बड़ा कदम या चमत्कार नहीं था, बल्कि छोटे-छोटे लेकिन लगातार उठाए गए कदमों का नतीजा था, जिसकी वजह से वह इतनी जल्दी अपना लोन खत्म कर पाईं

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 11, 2026 पर 4:15 PM
अवनी राठौड़ ने MBA करने के लिए लिया 30 लाख का लोन और उसे 2 साल में भर भी दिया! जानिए कैसे
अवनी राठौर ने बताया कि उन्होंने अपना 30 लाख रुपये का एमबीए लोन सिर्फ दो साल में चुका दिया।

आज के मॉर्डन जमाने में लोग शिक्षा के महत्व को समझते हैं और अपनों को बेहतरीन शिक्षा देने की चाहत रखते है। साथ ही महंगी होती शिक्षा ने एजुकेशन लोन लेने वालों की संख्या में इजाफा किया है। छात्रों को लोन की राशि पढ़ाई पूरी होने के बाद चुकानी होती है। एक बड़ा एजुकेशन लोन चुकाना आमतौर पर लंबे समय की आर्थिक जिम्मेदारी माना जाता है, जिसे लोग कई सालों तक धीरे-धीरे चुकाते हैं। लेकिन एक मैनेजमेंट ग्रेजुएट का अनुभव इन दिनों लोगों का ध्यान खींच रहा है, क्योंकि उन्होंने दिखाया कि सही प्लानिंग और लगातार मेहनत से इस समय को काफी कम किया जा सकता है।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कलकत्ता की ग्रेजुएट अवनी राठौर ने बताया कि उन्होंने अपना 30 लाख रुपये का एमबीए लोन सिर्फ दो साल में चुका दिया। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में उन्होंने अपनी पूरी रणनीति समझाई। उन्होंने बताया कि यह कोई एक बड़ा कदम या चमत्कार नहीं था, बल्कि छोटे-छोटे लेकिन लगातार उठाए गए कदमों का नतीजा था, जिसकी वजह से वह इतनी जल्दी अपना लोन खत्म कर पाईं।

दो साल ऐसे चुकाया 30 लाख का लोन

उन्होंने बताया, “मैंने भारतीय प्रबंधन संस्थान कलकत्ता का अपना एमबीए लोन सिर्फ 2 साल में चुका दिया। इसके लिए मैंने कमाई के 4 अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया। पहला तरीका था एमबीए से पहले की बचत। पढ़ाई शुरू करने से पहले मैंने दो साल तक नौकरी की थी। उस दौरान जो पैसे बचाए थे, उनमें से मैंने अपने निवेश जैसे म्यूचुअल फंड और पीपीएफ को नहीं छेड़ा। इन निवेशों को सुरक्षित रखा और फीस से जुड़े खर्चों के लिए सिर्फ अपनी तुरंत इस्तेमाल होने वाली बचत (लिक्विड सेविंग्स) का ही उपयोग किया।”

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