घर में छोटे-मोटे रिपेयर का काम अक्सर बहुत साधारण माना जाता है, लेकिन विदेशों में यही छोटे काम लोगों के लिए बड़ा खर्चा बन जाते हैं। कई बार एक छोटा सा लीकेज या मामूली मरम्मत भी हजारों रुपये तक पहुंच जाती है। अलग-अलग देशों में लेबर चार्ज और सर्विस कॉस्ट इतनी अलग होती है कि लोग इसकी तुलना अपने देश की कीमतों से करने लगते हैं। भारत में जहां ये काम बहुत कम पैसों में हो जाते हैं, वहीं विदेशों में इनके लिए काफी ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं।
