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ईरान को जिसका डर था वही हो गया! ट्रंप और जिनपिंग में इस बात पर बनी सहमति, अब तो होर्मुज में होगी मुश्किल

Trump-Xi Jinping Meeting: शी जिनपिंग ने स्पष्ट किया कि चीन होर्मुज के सैन्यीकरण के खिलाफ है। उन्होंने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी तरह का 'टोल' या टैक्स वसूलने की कोशिशों का भी विरोध किया। दिलचस्प बात यह है कि चीन ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका से अधिक तेल खरीदने में रुचि दिखाई है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड May 14, 2026 पर 5:02 PM
ईरान को जिसका डर था वही हो गया! ट्रंप और जिनपिंग में इस बात पर बनी सहमति, अब तो होर्मुज में होगी मुश्किल
दुनिया की तेल सप्लाई के प्रमुख रूट होर्मुज को खुला रखने पर भी दोनों देशों में समझौता हुआ है

Trump-Xi Summit: दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों अमेरिका और चीन के बीच बीजिंग में हुई ऐतिहासिक मुलाकात से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रपति ट्रंप और चीनी समकक्ष जिनपिंग इस बात पर सहमत हो गए हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच दोनों नेताओं की यह सहमति वैश्विक शांति के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है।

ईरान पर महाशक्तियों का कड़ा रुख

व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच हुई उच्च-स्तरीय बैठक में ईरान का मुद्दा सबसे ऊपर रहा। दोनों पक्ष इस बात पर एकमत थे कि तेहरान, वाशिंगटन और इजरायल के बीच नाजुक संघर्ष विराम को देखते हुए ईरान का परमाणु शक्ति बनना दुनिया के लिए खतरनाक होगा।

ट्रंप ने शी जिनपिंग से अपील की कि वे ईरान पर अपने आर्थिक प्रभाव का इस्तेमाल करें ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे। बता दें कि चीन, ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है।

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