पाकिस्तान सरकार ने पहली बार माना है कि भारत की तरफ से मई महीने में की गई ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई से उसे भारी नुकसान हुआ था। यह हमला उस आतंकवादी हमले के जवाब में किया गया था, जो अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ था और जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी।
पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि भारतीय ड्रोन ने रावलपिंडी के नूर खान एयर बेस (चकलाला क्षेत्र) पर हमला किया था। उन्होंने कहा कि इस हमले में एयरबेस को नुकसान हुआ और कुछ सैनिक घायल हुए।
डार के मुताबिक, भारत ने 36 घंटों में लगभग 80 ड्रोन भेजे थे। इनमें से 79 ड्रोन पाकिस्तान ने गिरा दिए, लेकिन एक ड्रोन एयरबेस में घुस गया और वहां विस्फोट हुआ। इसी के बाद 9 मई की रात को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में सेना और सरकार के आला अधिकारियों की बैठक हुई थी।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान टारगेट किए गए एयरबेस
नूर खान एयरबेस, पाकिस्तान एयरफोर्स का अहम ठिकाना है, जो रावलपिंडी में स्थित है। यह उन 11 एयरबेस में से एक था, जिन पर भारत ने "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान सर्जिकल स्ट्राइक की थी। अन्य ठिकानों में सरगोधा, रफीकी, जैकोबाबाद और मूरीदके एयरबेस शामिल थे।
भारत ने यह ऑपरेशन 7 मई की सुबह शुरू किया था। इसमें पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था, और फिर कुछ सैन्य ठिकानों पर भी प्रिसिजन स्ट्राइक की गई थी।
भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने पाकिस्तान के "कम नुकसान" वाले दावे को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि असली तबाही उससे कहीं ज्यादा थी जितनी पाकिस्तान ने स्वीकार की है।
ढिल्लों ने कहा कि पाक मीडिया के खुद के रिपोर्ट्स में 138 सैनिकों को मरणोपरांत सम्मान देने की बात कही गई थी, जो असल में भारी हताहतों का सबूत है। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में भी नूर खान एयरबेस को जलते हुए देखा जा सकता है।
इसी साल मई में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी माना था कि 9 और 10 मई की रात भारत ने हमला किया था, जिसके बारे में उन्हें खुद सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने सूचना दी थी।
बाद में जुलाई में शरीफ के सलाहकार राणा सना उल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान के पास मात्र "30 से 45 सेकंड" का समय था यह जानने के लिए कि भारत द्वारा छोड़ा गया मिसाइल परमाणु हथियार से लैस है या नहीं।
सैटेलाइट तस्वीरों में भी मई के दौरान पाकिस्तान के कई एयरबेस- जैसे नूर खान, मुशाफ (सरगोधा), भोलारी और शहबाज (जैकोबाबाद)-पर बड़े पैमाने पर नुकसान दिखाई दिया था। पाकिस्तान ने खुद स्वीकार किया था कि भारत के ड्रोन और मिसाइलों ने तीन एयरबेस- नूर खान, मूरीदके और रफीकी- को निशाना बनाया था।