US Strikes Venezuela: ड्रग कार्टेल, तेल भंडार या कुछ और... मादुरो और वेनेजुएला के पीछे क्यों पड़े हैं ट्रंप?
US Venezuela Attack: ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर चलाया गया था और इसे उन्होंने वेनेजुएला के नेता के खिलाफ एक सफल मिशन बताया। उन्होंने कहा कि इस बारे में और जानकारी बाद में दी जाएगी और सुबह 11 बजे मार-ए-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की घोषणा की
US Strikes Venezuela: मादुरो और वेनेजुएला के पीछे क्यों पड़े हैं ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को "पकड़ लिया गया है" और "देश से बाहर भेज दिया गया है"। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ "सफलतापूर्वक बड़े पैमाने पर हमला" किया है। शनिवार को सुबह 2 बजे (स्थानीय समय) से वेनेजुएला की राजधानी काराकास के आसपास जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में शहर भर में कई इमारतों में आग लगी हुई दिखाई दे रही थी। खबरों के मुताबिक, वेनेजुएला की राजधानी के दक्षिणी इलाके में, एक प्रमुख सैन्य अड्डे के पास, बिजली भी गुल हो गई थी।
मादुरो ने लगाई देश में इमरजेंसी
ट्रंप के दावों के उलट मादुरो ने पूरे देश में इमरजेंसी की घोषणा की है। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा योजनाओं को लागू करने का आदेश दिया और लोगों से बड़े पैमाने पर जुटने की अपील की। इस बीच, वॉशिंगटन ने मादुरो सरकार के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करने के संकेत दिए हैं।
गुरुवार को प्रसारित एक पहले से रिकॉर्ड किए गए इंटरव्यू में मादुरो ने कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला की सरकार बदलना चाहता है और उसके विशाल तेल भंडार पर कब्जा करना चाहता है। उन्होंने कहा कि यह दबाव बनाने का अभियान कई महीनों से चल रहा है, जिसकी शुरुआत अगस्त में कैरेबियन सागर में बड़ी अमेरिकी सैन्य तैनाती से हुई थी।
वेनेजुएला के नेता के खिलाफ एक सफल मिशन: ट्रंप
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर चलाया गया था और इसे उन्होंने वेनेजुएला के नेता के खिलाफ एक सफल मिशन बताया। उन्होंने कहा कि इस बारे में और जानकारी बाद में दी जाएगी और सुबह 11 बजे मार-ए-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की घोषणा की।
वेनेजुएला सरकार ने अभी तक ट्रंप के दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और मादुरो की गिरफ्तारी की स्वतंत्र पुष्टि भी अब तक नहीं हुई है। इसी बीच, CBS न्यूज ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के अंदर कुछ ठिकानों पर, जिनमें सैन्य ठिकाने भी शामिल हैं, हमले का आदेश दिया है। यह कदम मादुरो सरकार के खिलाफ वॉशिंगटन के अभियान को और तेज करता दिख रहा है।
अमेरिका ने क्यों किया वेनेजुएला पर हमला?
इन हमलों से पहले क्षेत्र में कई महीनों तक अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ाई गई थी। इसमें USS जेराल्ड आर फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर और कई दूसरे युद्धपोतों को कैरेबियन सागर में तैनात किया गया था।
हाल के हफ्तों में, अमेरिका ने वेनेजुएला के पास दो तेल टैंकर जब्त किए और 30 से ज्यादा नावों पर घातक हमले किए, जिनके बारे में अमेरिका का कहना है कि वे ड्रग्स की तस्करी कर रही थीं।
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने X पर वेनेजुएला का एक आधिकारिक बयान साझा किया। बयान में कहा गया है, “वेनेजुएला की बोलिवेरियन गणराज्य, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अमेरिका की मौजूदा सरकार की तरफ से वेनेजुएला की भूमि और जनता पर किए गए बेहद गंभीर सैन्य हमले की निंदा, विरोध और शिकायत करता है। यह हमला राजधानी काराकास सहित मिरांडा, अरागुआ और ला गुआइरा राज्यों के नागरिक और सैन्य क्षेत्रों में किया गया।”
बयान में कहा गया कि इस तरह की आक्रामकता अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता, खासकर लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में, खतरे में डालती है और लाखों लोगों के जीवन को जोखिम में डालती है।
बयान में यह भी आरोप लगाया गया कि इस हमले का असली उद्देश्य वेनेजुएला के तेल और खनिज जैसे रणनीतिक संसाधनों पर कब्जा करना और देश की राजनीतिक स्वतंत्रता को बलपूर्वक खत्म करना है। आखिर में कहा गया, “वे इसमें कभी सफल नहीं होंगे…”
मादुरो से इतने खफा क्यों हैं ट्रंप?
पिछले कुछ महीनों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बनाए हुए हैं। ट्रंप प्रशासन ने इस दक्षिण अमेरिकी देश के पास कई अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए हैं। ट्रंप ने इसे अब तक की वेनेजुएला के खिलाफ सबसे बड़ी सैन्य तैयारी बताया है।
29 दिसंबर को ट्रंप ने खुलासा किया था कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के ड्रग्स से जुड़ी कुछ नावों के लिए बने एक डॉकिंग एरिया पर हमला किया था, हालांकि, उन्होंने हमले की सटीक जगह का नाम नहीं बताया।
अमेरिकी सेना सितंबर की शुरुआत से ही कैरेबियाई सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में नावों पर हमले कर रही है। ट्रंप प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार तक नौकाओं पर 35 हमले हुए हैं, जिनमें कम से कम 115 लोग मारे गए हैं।
ट्रंप कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि अमेरिका वेनेजुएला में कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है और जल्द ही जमीनी हमले शुरू हो सकते हैं। अक्टूबर में उन्होंने कहा था कि उन्होंने CIA को वेनेजुएला के अंदर अभियान चलाने की मंजूरी दी है, ताकि वहां से आने वाले अवैध प्रवासियों और ड्रग तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ते प्रवासी संकट के लिए सीधे तौर पर मादुरो को जिम्मेदार ठहराया है। एक अनुमान के मुताबिक, साल 2013 से अब तक वेनेजुएला के आर्थिक संकट और राजनीतिक दमन के कारण लगभग 80 लाख लोग देश छोड़ चुके हैं।
ट्रंप का दावा है कि मादुरो जानबूझकर अपनी जेलें खाली कर रहे हैं और अपराधियों को 'प्रवासी' बनाकर अमेरिका भेज रहे हैं। भले ही ट्रंप ने इन आरोपों को प्रमुखता से उठाया है, लेकिन अब तक इसके पक्ष में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए गए हैं।
मादुरो पर ड्रग कार्टेल चलाने का आरोप
ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के दो कुख्यात आपराधिक गैंग, 'ट्रेन डे अरागुआ' (Tren de Aragua) और 'कार्टेल डे लॉस सोल्स' (Cartel de los Soles) को आधिकारिक तौर पर विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
ट्रंप का दावा है कि 'कार्टेल डे लॉस सोल्स' का नेतृत्व खुद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो कर रहे हैं। इतना ही नहीं मादुरो की गिरफ्तारी या उन्हें पकड़वाने में मदद करने वालों के लिए इनाम की भी घोषणा की गई, जिसे बाद में बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया था।
अमेरिका ने वेनेजुएला के तट पर प्रतिबंधित तेल टैंकरों को भी जब्त कर लिया है, और ट्रंप ने दूसरे टैंकरों की नाकाबंदी का आदेश दिया है। ऐसा माना जाता है कि ये वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के लिए ये कदम उठाया गया है।
दक्षिण अमेरिका के तट पर अमेरिकी सेनाओं की भारी तैनाती के बाद ये हमले हुए। ट्रंप ने इन हमलों को अमेरिका में ड्रग तस्करी रोकने के लिए एक जरूरी कदम बताया है और कहा है कि अमेरिका ड्रग कार्टेल के साथ "सशस्त्र संघर्ष" में लगा हुआ है।