एक दशकों पुरानी जापानी मंगा की भविष्यवाणी ने जापान समेत पूरे एशिया में डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया था। दावा किया जा रहा है कि 5 जुलाई 2025 को जापान में एक भीषण भूकंप और सुनामी आने वाली है। यह भविष्यवाणी 'द फ्यूचर आई सॉ' नाम की मंगा यानी कॉमिक्स में की गई थी, जिसकी लेखिका रयो तात्सुकी हैं, जो अब 70 साल की उम्र पार कर चुकी एक रिटायर मंगा कलाकार हैं।
यह मंगा सबसे पहले 1999 में प्रकाशित हुई थी और इसमें मार्च 2011 में एक “महाविनाश” की चेतावनी दी गई थी, जो संयोग से उसी साल आया था, जब टोहोकु इलाके में 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप और उसके बाद आई सुनामी में 18,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे और फुकुशिमा दाइइची न्यूक्लियर प्लांट भी संकट में आ गया था।
"तीन गुना बड़ी सुनामी" की चेतावनी
2021 में इस मंगा को फिर से प्रिट किया गया, जिसमें एक नई भविष्यवाणी शामिल थी — कि जुलाई 2025 में एक असली आपदा आएगी, और जापान व फिलीपींस के बीच समुद्र तल फट जाएगा। इससे “2011 की तुलना में तीन गुना ऊंची लहरें” दक्षिण पश्चिमी जापान को तबाह कर देंगी। इस चेतावनी ने सोशल मीडिया पर कोहराम मचा दिया है।
3 जुलाई को आया भूकंप और बढ़ी आशंका
5 जुलाई को “आपदा की भविष्यवाणी” से दो दिन पहले ही 3 जुलाई को तोकारा द्वीपसमूह में 5.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई। कुछ लोगों ने इसे मंगा की भविष्यवाणी का ‘शुरुआती संकेत’ तक करार दे दिया।
अफवाहों पर नहीं, विज्ञान पर भरोसा करें
इस बीच जापान (Japan) मौसम विज्ञान एजेंसी के भूकंप और सुनामी निगरानी प्रभाग के डायरेक्टर अयाताका एबिता ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों में न उलझें और वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा रखें।
उन्होंने कहा: “वर्तमान वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार, किसी भूकंप का स्थान, समय और तीव्रता सटीकता से बताना असंभव है। कृपया वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित जानकारी पर भरोसा करें।”
वहीं, मंगा की लेखिका तात्सुकी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि "शायद यह घटना न हो", लेकिन उन्होंने अपनी भविष्यवाणी पूरी तरह वापस नहीं ली। TIME की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मंगा की 2021 वाली कॉपी 10 लाख से ज्यादा बिक चुकी हैं और सोशल मीडिया पर इसके वीडियो को करोड़ों बार देखा जा चुका है।
इस अजीब भविष्यवाणी का सबसे गहरा असर टूरिज्म पर पड़ा है। हांगकांग स्थित ट्रैवल कंपनी EGL Tours के स्टीव हुएन के अनुसार, “इन अफवाहों ने हमारे जापान-आधारित बिजनेस को लगभग 50% तक घटा दिया है।” कुछ यात्रियों ने अपनी फ्लाइट्स तक कैंसल कर दी हैं और यात्रा एजेंसियों में बुकिंग्स ठप पड़ गई हैं।
3 जुलाई को आए भूकंप के बाद जापान के दक्षिणी हिस्से क्युशू के पास स्थित अकुसेकिजिमा द्वीप से 13 निवासियों को सुरक्षित निकालकर राजधानी भेजा गया। 11 घंटे की फेरी यात्रा के बाद ये लोग कागोशिमा शहर पहुंचे। उन्हें एक होटल में या रिश्तेदारों के यहां कम से कम एक हफ्ते के लिए ठहराया गया है, और जरूरत पड़ने पर स्टे बढ़ा दिया जाएगा।