रेडिकल नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। इन हिंसक प्रदर्शन के अलावा बांग्लादेश इस समय एक और गंभीर समस्या से भी जूझ रहा है। देश में कंडोम और दूसरे गर्भनिरोधक साधनों की कमी बढ़ती जा रही है। यह समस्या पिछले कुछ वर्षों से लगातार बनी हुई है। द डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फंड की कमी और कर्मचारियों की कमी के कारण अगले साल की शुरुआत में बांग्लादेश को कम से कम एक महीने तक कंडोम की डिलीवरी नहीं मिल पाएगी। ऐसे में इसकी कमी से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कंडोम की कमी ले जूझ रहा बांग्लादेश
बांग्लादेश, पिछले कई वर्षों से गर्भनिरोधक साधनों की कमी लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा असर देश के परिवार नियोजन कार्यक्रम पर पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हालात अब और गंभीर होते जा रहे हैं। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फैमिली प्लानिंग (DGFP) आम लोगों को पांच तरह के गर्भनिरोधक मुफ्त में देता है। इनमें कंडोम, ओरल पिल्स, इंट्रा यूटेराइन डिवाइस (IUD), इंजेक्शन और इम्प्लांट शामिल हैं। लेकिन मौजूदा हालात में DGFP करीब एक महीने तक कंडोम उपलब्ध नहीं करा पाएगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि मौजूदा स्टॉक अगले 39 दिनों में खत्म हो सकता है। ऐसे में कंडोम की सप्लाई रुकने की आशंका है, जिससे परिवार नियोजन सेवाओं पर और दबाव बढ़ सकता है।
राष्ट्रीय गर्भनिरोधक सारांश रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में कंडोम की आपूर्ति में करीब 57 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। सिर्फ कंडोम ही नहीं, बल्कि 2019 से अन्य गर्भनिरोधक साधनों की सप्लाई में भी लगातार कमी देखी गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ओरल पिल्स की आपूर्ति 63 प्रतिशत, IUD की 64 प्रतिशत, इंजेक्टेबल की 41 प्रतिशत और इम्प्लांट की 37 प्रतिशत तक घट चुकी है।
रिपोर्ट के अनुसार, 11 दिसंबर 2025 तक डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फैमिली प्लानिंग के पास कंडोम का स्टॉक केवल 39 दिनों के लिए बचा था। इम्प्लांट 33 दिनों के लिए, IUD 45 दिनों के लिए उपलब्ध थे। वहीं ओरल पिल्स का स्टॉक पांच महीने से ज्यादा और इंजेक्टेबल का स्टॉक छह महीने से ज्यादा का बताया गया है। DGFP के लॉजिस्टिक्स और सप्लाई यूनिट के निदेशक अब्दुर रज्जाक ने द डेली स्टार को बताया कि अगर गर्भनिरोधक खरीद से जुड़ा मौजूदा कानूनी मामला सुलझ जाता है, तो स्टॉक दोबारा भरा जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कंडोम का स्टॉक खत्म होने का खतरा है, जिससे कम से कम एक महीने तक इसकी आपूर्ति में कमी हो सकती है।
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फैमिली प्लानिंग (DGFP) के महानिदेशक अशरफी अहमद ने बताया कि इस समस्या को फील्ड स्तर के कर्मचारियों की कमी और गंभीर बना रही है। उन्होंने कहा कि कानूनी कारणों की वजह से कुछ पदों पर नई भर्तियां फिलहाल रुकी हुई हैं। अशरफी अहमद के अनुसार, ये फील्ड कर्मचारी गर्भनिरोधक साधनों के वितरण और लोगों को सही जानकारी देने यानी काउंसलिंग में अहम भूमिका निभाते हैं। कर्मचारियों की कमी से यह पूरा कामकाज प्रभावित हो रहा है, जिससे हालात और मुश्किल हो गए हैं।
प्रजनन दर में हुई बढ़ोतरी
यह कमी ऐसे समय सामने आई है, जब बांग्लादेश में पिछले 50 वर्षों में पहली बार कुल प्रजनन दर (TFR) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर गर्भनिरोधक साधनों तक लोगों की पहुंच इसी तरह कम होती रही, तो आने वाले समय में TFR और बढ़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल में हुए एक राष्ट्रीय सर्वे में यह सामने आया है कि गर्भनिरोधक साधनों के इस्तेमाल में कमी आई है और आधुनिक परिवार नियोजन तरीकों तक लोगों की पहुंच भी पहले से घट गई है। ढाका यूनिवर्सिटी में पॉपुलेशन साइंसेज के प्रोफेसर अमीनुल इस्लाम ने बताया कि हाल के वर्षों में कई दंपती परिवार नियोजन में कम रुचि दिखा रहे हैं। कुछ लोग तो अब दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने का विकल्प भी चुन रहे हैं।
पिछले महीने जारी मल्टीपल इंडिकेटर क्लस्टर सर्वे 2025 के मुताबिक, बांग्लादेश की कुल प्रजनन दर पिछले साल 2.3 थी, जो अब बढ़कर 2.4 हो गई है। यह बढ़ोतरी भविष्य में जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों को और बढ़ा सकती है।