पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक सदस्यों में से एक आमिर हमजा को लाहौर में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी है। उसे फिलहाल एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने लाहौर में एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर उस पर गोलीबारी की।
यह घटना तब हुई जब 67 साल का हमजा एक लोकल टीवी स्टेशन से घर लौट रहा था और उसके साथ एक पाकिस्तानी जज, नजीर अहमद गीजी भी थे। लाहौर में 'पिंडी स्टॉप' के पास मोटरसाइकिल पर सवार दो हथियारबंद लोगों ने उस पर गोलियां चला दीं। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
हमजा पर एक साल के अंदर ये दूसरा हमला था। पिछले साल मई में, कुछ अज्ञात लोगों ने लाहौर में उसके घर के बाहर इस आतंकवादी को गोली मार दी थी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया था। बाद में, बताया गया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसकी सुरक्षा बढ़ा दी थी, हालांकि उन्होंने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की।
आमिर हमजा की क्राइम कुंडली भारत के खिलाफ दशकों से रची गई कई आतंकी साजिशों से भरी हुई है। वह न केवल लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का सह-संस्थापक था, बल्कि इस संगठन का मुख्य विचारक और ऑपरेशनल कमांडर भी रहा है।
आमिर हमजा का जन्म 10 मई 1959 को पाकिस्तान के गुजरांवाला (पंजाब प्रांत) में हुआ था। वो अफगानिस्तान जिहाद का एक पुराना योद्धा है। उसने 1985-1986 के बीच हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) नाम के आतंकी संगठन की स्थापना की थी। अमेरिका ने LeT को आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है।
आमिर हमजा LeT का दूसरा सबसे बड़ा नेता माना जाता है। वो कई सालों से इस संगठन में ऊंचे पदों पर रहा है और इसके प्रचार विभाग और आउटरीच अभियानों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
वो भारत में कई आतंकी गतिविधियों से जुड़े रहा है। उस पर आरोप है कि उसने 2005 में बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) पर हुए आतंकी हमले की योजना बनाने में मदद की थी। यह कश्मीर के बाहर लश्कर-ए-तैयबा का पहला बड़ा हमला माना जाता है।
अमेरिका के वित्त विभाग (US Department of the Treasury) ने उसे आतंकवादी घोषित कर प्रतिबंध लगा रखा है।
2012 में अमेरिका के वित्त विभाग (US Treasury Department) ने एक बयान जारी कर कहा था कि अमीर हमजा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य है। वह हाफिज सईद की सीधी निगरानी में संगठन के बाहरी संबंधों को संभालने में अहम भूमिका निभाता है।
2010 के समय में आमिर हमजा LeT से जुड़े एक चैरिटेबल संगठन में भी काम कर रहा था। साथ ही, हाफिज सईद के देखरेख वाले LeT यूनिवर्सिटी ट्रस्ट में उसने उच्च पद पर भी काम किया था।
आमिर हमजा की "क्राइम कुंडली"
मुंबई हमले (26/11): वह 2008 के मुंबई हमलों का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। हमलों के वक्त वह लश्कर का ऑपरेशनल कमांडर था।
IISc बेंगलुरु हमला (2005): हमजा को 2005 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) पर हुए हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है, जो कश्मीर के बाहर लश्कर का पहला बड़ा हमला था।
तीर्थयात्रियों पर हमला (2024): जून 2024 में रियासी (जम्मू-कश्मीर) में शिवखोरी मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस पर हुए हमले के पीछे भी उसकी भूमिका बताई जाती है।
हथियार और भर्ती: वह ड्रोन के जरिए सीमा पार हथियारों की तस्करी और आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलाने में सक्रिय रहा है।
आतंकी फंडिंग: उसने लश्कर के लिए फंड जुटाने के लिए जैश-ए-मनकफा जैसा नया संगठन भी बनाया था।