Asim Munir: अक्सर युद्ध के मैदान में सेनाएं अपनी रणनीति, तकनीक और जांबाजी के दम पर लड़ती हैं, लेकिन पाकिस्तान की सेना अब अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए अंधविश्वास की शरण में जाती दिख रही है। परमाणु बम की धमकी देने वाले देश के आर्मी चीफ, जनरल आसिम मुनीर ने अब एक नया दावा किया है। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तानी फौज को किसी हथियार ने नहीं, बल्कि 'अल्लाह की मदद' और 'दैवीय चमत्कार' ने बचाया था। रावलपिंडी मुख्यालय में दिए गए इस बयान से सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है और उनका खूब मजाक बन रहा है।
'हमने मदद को उतरते हुए देखा': मुनीर का चौंकाने वाला दावा
एक बंद कमरे में हुए कार्यक्रम के दौरान जनरल मुनीर ने मई 2025 के उस मंजर को याद किया जब भारतीय सेना, पाकिस्तान पर चढ़ाई कर रही था। मुनीर ने कहा, 'उस वक्त दुनिया के सारे तर्क और सैन्य गणनाएं फेल हो चुकी थीं। भारत अपनी पूरी तकनीक और ताकत के साथ हम पर हावी था, लेकिन हमने वहां 'अदृश्य मदद' को उतरते हुए देखा और महसूस किया।' मुनीर के अनुसार, यह जीत हथियारों की नहीं बल्कि 'ईमान की ताकत' की थी। उनके इस बयान को रणनीतिक जानकारों द्वारा एक आधुनिक सेना के प्रमुख की 'बौद्धिक हार' के रूप में देखा जा रहा है।
हकीकत में मुनीर का यह 'दर्द' उस जख्म से निकला है जो भारत ने मई 2025 में दिया था। जब भारतीय सुरक्षाबलों ने सीमा पार घुसकर आतंकियों का सफाया किया, तब पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम और रडार पूरी तरह जाम हो गए थे। भारतीय जांबाज अपना मिशन पूरा कर सुरक्षित वापस लौट आए और पाकिस्तान को खबर तक नहीं लगी। अपनी इस तकनीकी और रणनीतिक विफलता को छिपाने के लिए अब जनरल मुनीर 'चमत्कार' की कहानी सुनाकर अपने कैडर और अवाम का मनोबल उठाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर बन रहा मजाक
एक तरफ जहां पाकिस्तानी मीडिया इस बयान को 'पाक फौज पर अल्लाह का खास करम' बताकर महिमामंडित कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर जनरल मुनीर की जमकर खिंचाई हो रही है। भारतीय यूजर्स चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि 'जब रडार और मिसाइलें काम नहीं करतीं, तो पाकिस्तान 'दुआ' पर शिफ्ट हो जाता है।' यहां तक कि खुद पाकिस्तान के कुछ पत्रकार भी यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर देश को 'चमत्कारों' ने ही बचाना है, तो हर साल अरबों डॉलर का रक्षा बजट कहां खर्च किया जा रहा है?