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Mojtaba Khamenei: अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मोजतबा बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने लगाई मुहर

Mojtaba Khamenei: नए सुप्रीम लीडर के तौर पर मोजतबा खामेनेई के सामने सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका और इजरायल के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को रोकना और ईरान के ढहते सैन्य ढांचे को फिर से खड़ा करना है। साथ ही, उन्हें ईरान की जनता और सेना के बीच अपना विश्वास भी साबित करना होगा

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 04, 2026 पर 9:15 AM
Mojtaba Khamenei: अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मोजतबा बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने लगाई मुहर
मोजतबा खामेनेई अब तक पर्दे के पीछे रहकर ईरान की सत्ता की डोर संभालते रहे हैं

Mojtaba Khamenei: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और भारी उथल-पुथल के बीच ईरान ने अपने नए सर्वोच्च नेता के नाम का ऐलान कर दिया है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके दूसरे बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने देश का नया रहबर चुना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध के हालातों को देखते हुए 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने इस नियुक्ति के लिए भारी दबाव बनाया था।

कौन हैं मोजतबा खामेनेई?

8 सितंबर 1969 को जन्मे मोजतबा खामेनेई अब तक पर्दे के पीछे रहकर ईरान की सत्ता की डोर संभालते रहे हैं। मोजतबा लंबे समय से अपने पिता के कार्यालय का कामकाज देख रहे थे और सेना व सुरक्षा बलों के बीच तालमेल बिठाने में उनकी अहम भूमिका रही है। ईरान-इराक युद्ध के समय से ही उनके संबंध रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के साथ बेहद मजबूत रहे है। वे एक मध्यम-स्तरीय मौलवी हैं और 'कोम सेमिनरी' जैसे धार्मिक संस्थानों में उनका गहरा प्रभाव है। अब तक उन्होंने कभी कोई सार्वजनिक पद नहीं संभाला था, लेकिन उन्हें हमेशा से अपने पिता का उत्तराधिकारी माना जाता रहा है।

अयातुल्ला अली खामेनेई की कैसे हुई मौत?

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