Bangladesh Crisis: अब सरकारी कर्मचारियों का हल्ला बोल, चुनाव से पहले मोहम्मद यूनुस के घर के बाहर भारी बवाल

प्रदर्शनकारी शहीद मीनार से मार्च करते हुए जमुना की तरफ बढ़ रहे थे। रास्ते में उन्होंने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और आगे बढ़ने की कोशिश की। हालात तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। इलाके की सुरक्षा के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) की छह टुकड़ियां भी तैनात की गईं

अपडेटेड Feb 06, 2026 पर 5:37 PM
Story continues below Advertisement
Bangladesh Crisis: युवाओं के बाद अब सरकारी कर्मचारियो का हल्ला बोल, चुनाव से पहले मोहम्मद यूनुस के घर के बाहर भारी बवाल

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार को मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के सरकारी आवास “जमुना” के बाहर भारी प्रदर्शन हुआ। सरकारी कर्मचारियों ने नौवें राष्ट्रीय वेतनमान (पे स्केल) को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण इलाके में भारी सुरक्षा तैनात करनी पड़ी और कई जगह पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।

प्रदर्शनकारी शहीद मीनार से मार्च करते हुए जमुना की तरफ बढ़ रहे थे। रास्ते में उन्होंने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और आगे बढ़ने की कोशिश की। हालात तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। इलाके की सुरक्षा के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) की छह टुकड़ियां भी तैनात की गईं।

पुलिस अधिकारी मोनिरुज्जमान के अनुसार, सरकारी कर्मचारी सुबह करीब 10:30 बजे शाहबाग इलाके में इकट्ठा हुए और चौराहा जाम कर दिया, जिससे आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक रुक गया। पुलिस के कई बार समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं हटे।


जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते हुए होटल इंटरकॉन्टिनेंटल के पास पहुंचे और जमुना की तरफ जाने लगे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बैरिकेड पार करने के बाद दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने स्थिति काबू करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शनकारी “सरकारी कर्मचारी दावा आदाय एक्य परिषद” के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे थे। वे “समझौता नहीं, सिर्फ संघर्ष”, “ऑफिस नहीं, सड़क पर रहेंगे” और “पे स्केल तुरंत लागू करो” जैसे नारे लगा रहे थे। कुछ प्रदर्शनकारी घायल भी हुए, जिन्हें पुलिस वहां से ले गई।

करीब 11:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने शाहबाग के बैरिकेड तोड़ दिए और जमुना की ओर बढ़कर वहां थोड़ी देर धरना दिया। बाद में पुलिस ने उन्हें हटा दिया। दोपहर करीब 12:30 बजे प्रदर्शनकारी फिर होटल इंटरकॉन्टिनेंटल के पास जमा हो गए, जहां पुलिस ने फिर कार्रवाई की। इस दौरान कई घंटों तक ट्रैफिक प्रभावित रहा और दोपहर 1:15 बजे के बाद स्थिति सामान्य हुई।

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर एसएम सज्जात अली ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस लगातार सतर्क है और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रही है।

कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे सिर्फ वेतनमान लागू करवाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। एक गिरफ्तार प्रदर्शनकारी ने कहा कि वह अपने परिवार का अकेला कमाने वाला है और मौजूदा वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।

एक अन्य प्रदर्शनकारी बोरहान उद्दीन ने कहा कि सरकार ने नौवें वेतनमान की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, लेकिन अभी तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अधिसूचना एक राजनीतिक पार्टी की आपत्ति के कारण रोकी जा रही है, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उसी दिन वेतनमान की अधिसूचना जारी नहीं की गई तो वे आंदोलन जारी रखेंगे और घर नहीं लौटेंगे।

इसी बीच, जमुना के पास “इंकिलाब मंच” नाम का संगठन भी गुरुवार से धरना दे रहा है। वे शहीद शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या की संयुक्त राष्ट्र से निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट पहले ही दे चुका है और नई वेतन व्यवस्था को तुरंत लागू किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने चिंता जताई कि अगर चुनी हुई सरकार बनने के बाद यह फैसला टाल दिया गया, तो इसमें और देरी हो सकती है।

मुख्य सलाहकार के आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

Islamabad Blast: पाकिस्तान में जुमे की नमाज के बाद बड़ा धमाका, 21 लोगों की मौत, 169 घायल, शहर लगाई इमरजेंसी

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।