Bangladesh: रात के अंधेरे में लुंगी पहनकर थाईलैंड क्यों भागे बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हामिद?
Mohammad Abdul Hamid: अपनी सादगी और मजाकिया भाषणों के लिए जाने जाने वाले हामिद को देश के इतिहास में अकेसे ऐसे राष्ट्रपति होने का गौरव भी हासिल है, जिन्होंने 2013 से 2023 तक लगातार दो पांच-वर्षीय कार्यकाल पूरे किए हैं, यानी वे लगातार 10 साल तक बांग्लादेश के राष्ट्रपति रहे
Bangladesh: पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हामिद बड़े ही नाटकीय तरीके से हाल ही में देश छोड़कर भाग गए
दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश बांग्लादेश में उथल-पुथल अब भी जारी है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को भी छात्रों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। अब ऐसा पता है कि देश के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हामिद बड़े ही नाटकीय तरीके से हाल ही में देश छोड़कर भाग गए। पिछले साल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई में अपनी कथित भूमिका के लिए हामिद जांच के घेरे में थे।
पिछले गुरुवार (8 मई) को पूर्व राष्ट्रपति ने बहुत जल्दबाजी के साथ देश छोड़ने का फैसला किया। रिपोर्ट्स की मानें तो हामिद रात के अंधेरे में केवल लुंगी पहनकर ही चुपचाप देश से भाग निकले।
लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आखिर बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति को इस तरह से देश क्यों छोड़ना पड़ा? चलिए जानते हैं इसके पीछे की पूरी कहानी
मोहम्मद अब्दुल हामिद कौन हैं?
बांग्लादेश से भागने से पहले हामिद का देश की राजनीति में एक लंबा इतिहास था, जो 1959 से शुरू होता है। उन्होंने 1969 में अवामी लीग में शामिल होकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और एक साल बाद मेमनसिंह-18 निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य के रूप में चुने गए।
अपनी सादगी और मजाकिया भाषणों के लिए जाने जाने वाले हामिद को देश के इतिहास में अकेसे ऐसे राष्ट्रपति होने का गौरव भी हासिल है, जिन्होंने 2013 से 2023 तक लगातार दो पांच-वर्षीय कार्यकाल पूरे किए हैं, यानी वे लगातार 10 साल तक बांग्लादेश के राष्ट्रपति रहे।
पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री हसीना को पद से हटाए जाने के बाद, 81 साल के पूर्व राष्ट्रपति को किशोरगंज सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया था। इस मामले में शेख हसीना, उनकी बहन शेख रेहाना, उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय और बेटी साइमा वाजेद पुतुल भी शामिल हैं।
2024 में छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए भी उन पर जांच चल रही है।
दरअसल, हामिद का घर भी फरवरी में बुलडोजर प्रोग्राम के दौरान गुस्साई भीड़ ने ढहा दिया था। इसी दौरान शेख मुजीबुर रहमान के धनमंडी 32 में पुराने घर को भी नष्ट कर दिया गया था, जिसे संग्रहालय में बदल दिया गया था।
हामिद ने देश कैसे छोड़ा?
बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच हामिद ने गुरुवार को हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से थाई एयरवेज की फ्लाइट में सवार होकर बांग्लादेश छोड़ दिया। यूनुस सरकार की ओर से आतंकवाद विरोधी कानून के तहत शेख हसीना की अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने के बाद से बांग्लादेश में हालात और भी ज्यादा बिगड़ गए हैं।
हामिद अपने छोटे बेटे रियाद अहमद और अपने साले नौशाद खान के साथ देश से भाग गए और कहा कि उन्हें इलाज की जरूरत है। हालांकि, उनके राजनीतिक विरोधियों का कहना है कि वह बांग्लादेश में मुकदमे से बचने के लिए भागे हैं।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने पुष्टि की कि हामिद गुरुवार को सुबह 3:05 बजे थाई एयरवेज की फ्लाइट TG 340 में सवार हुए और थाईलैंड के समयानुसार सुबह 6:15 बजे बैंकॉक पहुंचे। लेकिन उनके बाहर निकलने पर सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि हामिद व्हीलचेयर पर थे और उन्होंने लुंगी पहन रखी थी।
जब उनसे पूछा गया कि उन्हें उड़ान भरने की अनुमति क्यों दी गई, तो हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने ढाका पोस्ट को बताया, "संविधान के अनुच्छेद 34 और 102 के अनुसार, किसी भी बांग्लादेशी नागरिक को तब तक यात्रा करने से नहीं रोका जा सकता, जब तक कि अदालत की ओर से कोई विशेष प्रतिबंध न हो। हमें उन पर प्रतिबंध लगाने के लिए कोई निर्देश नहीं मिले हैं। किसी भी मामले में उन्हें हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की ओर से कोई अनुरोध या आवेदन नहीं किया गया था।"
हामिद के देश छोड़ने के बाद क्या हुआ?
हामिद के देश से जल्दबाजी में बाहर निकलने के तुरंत बाद, कई वर्गों ने सवाल उठाया कि पूर्व राष्ट्रपति को कैसे बाहर जाने दिया गया, स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (SAD), वह ग्रुप जिसने शुरुआती आरक्षण विरोधी आंदोलन का नेतृत्व किया था, उसने 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी करते हुए हामिद के बाहर निकलने में मदद करने वालों के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।
पिछले साल के विरोध प्रदर्शनों का एक बड़ा चेहरा रहे और नेशनल सिटिजन्स पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने फेसबुक पर लिखा: "अवैध फासीवादी सरकार के अध्यक्ष को हमारी आंखों के सामने भागने दिया गया है। न्याय दिलाने के लिए अधिकारियों की प्रतिज्ञा पर हमारा भरोसा अब संदेह में है।"
इसके अलावा, राजनीतिक समूह गण अधिकार परिषद ने अंतरिम प्रशासन को पूर्व राष्ट्रपति को वापस लाने के लिए 48 घंटे का समय दिया। नेशनल सिटिजन्स पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस के घर के बाहर रैली निकाली और पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
आक्रोश के बाद, यूनुस प्रशासन ने मामले की जांच करने और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने के लिए शिक्षा सलाहकार प्रोफेसर सी आर अबरार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। पैनल के बाकी सदस्यों में पर्यावरण सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन और श्रम एवं रोजगार सलाहकार और रिटायर ब्रिगेडियर जनरल एम सखावत हुसैन शामिल हैं।
गृह मामलों के सलाहकार मोहम्मद जहागीर आलम चौधरी ने कहा कि अगर वे उन लोगों को नहीं पकड़ पाते, जिन्होंने हामिद को देश से भागने में मदद की और सहयोग किया, तो वे पद छोड़ देंगे।
इसके अलावा, तीन अधिकारियों - एयरपोर्ट की इमिग्रेशन यूनिट के एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), एक स्पेशल ब्रांच ऑफिसर और किशोरगंज सदर मामले में जांच अधिकारी को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया गया है।
अवामी लीग के नेता देश छोड़कर भाग रहे!
हामिद का बांग्लादेश से इतनी जल्दबाजी में चले जाना एक पैटर्न को दिखाता है। पिछले साल हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद, अवामी लीग के कई नेता और सदस्य कुछ इसी तरह देश छोड़कर भाग गए।
अप्रैल की शुरुआत में, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सूचना सलाहकार महफूज आलम ने दावा किया कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग के एक लाख से ज्यादा सदस्य भारत भाग गए हैं।
बांग्लादेश से भागने की कोशिश करने वाले अवामी लीग के कई नेताओं में हसीना के कानून मंत्री अनीसुल हक और निजी उद्योग और निवेश सलाहकार सलमान एफ रहमान भी शामिल थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 अगस्त को उन्होंने गांव वालों का वेश धारण करके नाव से ढाका से भागने की कोशिश की थी। लेकिन आम नागरिकों ने उन्हें पहचान लिया और हिरासत में लेकर पुलिस को सौंप दिया। इन दोनों को विरोध प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से मारे गए दो छात्रों की मौत के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।