'नाजनीन मुन्नी को हटाओ, नहीं तो चैनल को आग लगा देंगे' बांग्लादेश में पत्रकारों को मिल रही खुली धमकी
Bangladesh Violence: खबरों के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मुन्नी को बर्खास्त नहीं किया गया, तो चैनल के ऑफिस को आग लगा दी जाएगी और उसका भी हाल ठीक वैसा ही होगा, जैसा प्रोथोम आलो और द डेली स्टार का किया गया था। नाजनीन मुन्नी ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह धमकी मीडिया को डराने-धमकाने के एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा है
Bangladesh Violence: कुछ लड़के तेजगांव में ग्लोबल टीवी के दफ्तर पहुंचा और चैनल की न्यूज हेड नाजनीन मुन्नी को हटाने की मांग की
ढाका में एक प्राइवेट TV न्यूज चैनल, ग्लोबल टीवी बांग्लादेश को धमकियां मिली हैं, जिसके बाद से देश का मीडिया समुदाय नई चिंताओं का सामना कर रहा है। यह घटना बड़े अखबारों प्रोथोम आलो और द डेली स्टार के दफ्तरों पर हमले और आगजनी के कुछ ही दिनों बाद घटी है। इस धमकी ने मीडिया की आजादी पर बढ़ते दबाव की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।
21 दिसंबर को युवाओं का एक समूह तेजगांव में ग्लोबल टीवी के दफ्तर पहुंचा और चैनल की न्यूज हेड नाजनीन मुन्नी को हटाने की मांग की। समूह ने खुद को भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन का सदस्य बताया।
खबरों के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मुन्नी को बर्खास्त नहीं किया गया, तो चैनल के ऑफिस को आग लगा दी जाएगी और उसका भी हाल ठीक वैसा ही होगा, जैसा प्रोथोम आलो और द डेली स्टार का किया गया था।
नाजनीन मुन्नी ने बाद में एक फेसबुक पोस्ट में इस धमकी की पुष्टि करते हुए कहा कि सात से आठ लोग उनके ऑफिस आए और उन्हें यह चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह धमकी पत्रकारों को दी जा रहीं लगातार धमकियों का ही एक हिस्सा है।
उस शाम क्या हुआ?
मुन्नी के अनुसार, यह घटना 21 दिसंबर की शाम को घटी, जब वह ऑफिस में नहीं थीं। पत्रकारों के साथ एक बैठक खत्म करने के बाद, वह रात लगभग 8 बजे एक दोस्त से मिलने के लिए निकलीं। कुछ ही देर बाद, युवाओं का एक समूह ऑफिस पहुंचा और चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर अहमद हुसैन से मिला।
इन लड़कों ने सबसे पहले इंकलाब मंच के प्रवक्ता शाहिद शरीफ उस्मान हादी की मौत पर ग्लोबल टीवी के प्रसारण की आलोचना की। इसके बाद उन्होंने मुन्नी को हटाने की मांग की और उन पर अवामी लीग समर्थक होने का आरोप लगाया। मुन्नी ने किसी भी राजनीतिक संबंध होने से साफ इनकार किया है।
चैनल मैनेजमेंट पर दबाव
मुन्नी ने बताया कि युवकों ने MD से लिखित में एक समझौते पर हस्ताक्षर करने को कहा कि उन्हें 48 घंटे के भीतर बर्खास्त कर दिया जाएगा। जब उन्होंने इनकार कर दिया, तो समूह कथित तौर पर गुस्सा हो गया और उन्होंने आगजनी की धमकी दोहराई। बताया जाता है कि वहां मौजूद कर्मचारियों में से एक ने कागज पर हस्ताक्षर कर दिए। हालांकि, MD ने हस्ताक्षर नहीं किए।
इस घटना के बाद, मुन्नी ने बताया कि चैनल के मैनेजमेंट ने उन्हें कुछ दिनों के लिए ऑफिस से दूर रहने और चुप रहने की सलाह दी थी। हालांकि, उन्होंने खुलकर बोलने का रास्ता चुना और कहा कि अब चुप रहना कोई विकल्प नहीं है।
छात्र समूह की प्रतिक्रिया
प्रोथोम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के केंद्रीय अध्यक्ष रिफत राशिद ने स्वीकार किया कि नगर समिति का एक सदस्य बिना अनुमति के ग्लोबल टीवी के ऑफिस गया था। उन्होंने कहा कि केंद्रीय निकाय मीडिया पर किसी भी हमले का समर्थन नहीं करता है और दावा किया कि लिखित ज्ञापन में आगजनी का कोई जिक्र नहीं था।
राशिद ने कहा कि संबंधित सदस्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और औपचारिक शिकायत दर्ज होने पर कार्रवाई का वादा किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आंदोलन पत्रकारों के खिलाफ धमकियों या हिंसा का समर्थन नहीं करता है।
बांग्लादेश में पत्रकारों के बीच डर
नाजनीन मुन्नी ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह धमकी मीडिया को डराने-धमकाने के एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि हाल के महीनों में जमुना टीवी की संपादक रोक्साना अंजुमन निकोल समेत कई दूसरे पत्रकारों को भी धमकियां मिली हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कामों का उद्देश्य मीडिया में उन आवाजों को दबाना है, जो जनमत को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा, "वे उन लोगों को हटाना चाहते हैं, जो खुलकर बोल सकते हैं।"