Bangladesh Violence: पाकिस्तान-ISI का खेल उजागर, पर्दे के पीछे से रची बांग्लादेश में हिंसा की खतरनाक साजिश!

Bangladesh Unrest: छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत ने मौजूदा माहौल को और भी भड़का दिया है, जिसके चलते गुरुवार देर रात हिंसक विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया। पिछले साल के उस विद्रोह के दौरान एक युवा नेता बन कर उभरे हादी को पिछले शुक्रवार को ढाका में दिनदहाड़े गोली मार दी गई थी, जब वह अपने चुनाव अभियान की शुरुआत कर रहे थे

अपडेटेड Dec 19, 2025 पर 3:32 PM
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Bangladesh Violence: पाकिस्तान-ISI का खेल उजागर, पर्दे के पीछे से रची बांग्लादेश में हिंसा की खतरनात साजिश!

बांग्लादेश में आम चुनाव से ठीक पहले दोबारा भड़की हिंसा की आग में घी का काम पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी ISI कर रहा है, जो इस पूरे विवाद में सुनियोजित तरीके से एक खतरनाक भूमिका निभा रहे हैं। यह पैटर्न जुलाई 2024 में भड़की हिंसा के मुकाबले कहीं ज्यादा खतरनाक है, जिसमें ISI अस्थिर राजनीतिक माहौल का फायदा उठा रही है, वो भी पर्दे के पीछे से खतरनाक साजिशें रच कर।

छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत ने मौजूदा माहौल को और भी भड़का दिया है, जिसके चलते गुरुवार देर रात हिंसक विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया।

कैसे हुई हादी की मौत?

पिछले साल के उस विद्रोह के दौरान एक युवा नेता बन कर उभरे हादी को पिछले शुक्रवार को ढाका में दिनदहाड़े गोली मार दी गई थी, जब वह अपने चुनाव अभियान की शुरुआत कर रहे थे।

नकाबपोश हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दीबांग्लादेश मेंुरुआतीलाज के बाद उन्हें सिंगापुर ले जाया गया था, लेकिन छह दिन बाद 18 दिसंबर को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर उनकी मौत हो गई


उनकी मौत के बाद राजधानी भर मेंुरंत अशांति फैल गईसोशल मीडिया पर शेयर किए गए फुटेज में प्रदर्शनकारियों को प्रोथोम आलो और डेली स्टार जैसे बड़े अखबार के दफ्तरों सहित कई इमारतों को आग लगाते हुए दिखाया गयाइस दौरान प्रदर्शनकारी हादी का नाम लेकर नारेबाजी भी कर रहे थे

तोड़फोड़, आगजनी और प्रदर्शन

न्यूज एजेंसी Reuters के अनुसार, कई इलाकों में देर रात तक तनाव बना रहा, जिसके चलते अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी

खबरों में यह भी कहा गया है कि राजशाही में अवामी लीग के दफ्तर में भी आग लगा दी गई, जबकि प्रदर्शनकारियों ने देश के सबसे प्रभावशाली बंगाली अखबारों में से एक, प्रोथोम आलो के परिसर में तोड़फोड़ की

अंतरिम नेता मुहम्मद यूनुस ने हादी की मौत को बांग्लादेश के राजनीतिक और लोकतांत्रिक जीवन के लिए एक गहरा झटका बताया और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए एक पारदर्शी जांच का वादा किया

अस्थिर माहौल में पैठ बना रही ISI

CNN-News18 के मुताबिक, इसी अस्थिर माहौल में ISI अपनी पैठ बना रही हैएजेंसी ने जमात-ए-इस्लामी और उसके छात्र और मदरसों से जुड़े संगठनों को निर्देश दिया है कि वे आंदोलन का नेतृत्वकरें, बल्कि पर्दे के पीछे से उसे हवा देंइसका मकसद स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्रमुखता से सामने रखना है, जिससे आंदोलन असली लगे, जबकि बाहरी नेटवर्क इसे और भड़के सके

पाकिस्तान सीधे तौर पर शामिल होकर हिंसा को भड़काना नहीं चाहता, बल्कि इसका फायदा उठाना चाहता हैहिंसा को बढ़ावा देने और इतने नाजुक समय में इस्लामी नेटवर्क को एक्टिव करने में ISI की भूमिका साफतौर से दिखाई देती है

पाकिस्तान से जुड़ी वित्तीय और डिजिटल गतिविधियां भी इसे प्रभावित कर रही हैंकुछ बांग्लादेशी मीडिया संस्थानों को पाकिस्तान समर्थित चैनलों के जरिए फंडिंग की गई है, और अशांति को हवा देने वाले कई सोशल मीडिया हैंडल पाकिस्तान से ही ऑपरेट किए जा रहे हैं

इन प्लेटफार्मों ने बार-बार भारत को गलत और नेगेटिव तरह से पेश करने कीोशिश की है, और कुछ समूहों के बीच इस धारणा का फायदा उठाया है कि नई दिल्ली शेख हसीना का संरक्षक है

ISI का यही पैटर्न

यह पैटर्न ISI की लंबे समय से चलीरही रणनीति को दिखाता है, जिसमें विश्वसनीय खंडन और कम लागत में अस्थिरता पैदा करना शामिल हैस्थानीय समूह लोगों का चेहरा, भीड़ और सड़कों पर मौजूदगी मुहैया कराते हैं, जबकि पाकिस्तान वैचारिक संदेश और ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाता हैयह मॉडल आंदोलन कोपर से दिखने में घरेलू बनाए रखता है, जबकि इसे बाहरी रूप से आकार दिया जाता है

ISI के लिए बांग्लादेश एक रणनीतिक देश है, क्योंकि वहां की अशांति भारत के पूर्वी हिस्से पर दबाव पैदा करती हैचुनाव से पहले के माहौल में देखी जा रही ज्यादातर गतिविधियों के पीछे यही रणनीतिक सोच महत्वपूर्ण है

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