बांग्लादेश को 35 साल बाद मिलेगा कोई पुरुष प्रधानमंत्री, तारिक रहमान 14 फरवरी को ले सकते हैं PM पद की शपथ

Bangladesh New PM: 60 साल के तारिक पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के सबसे बड़े बेटे हैं, जिनका पिछले दिसंबर में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उनके पिता पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान थे, जो BNP के संस्थापक थे। जियाउर रहमान की 1981 में एक सैन्य तख्तापलट के दौरान हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद खालिदा जिया ने राजनीति में प्रवेश किया। वह पहली बार 1991 में प्रधानमंत्री बनीं

अपडेटेड Feb 13, 2026 पर 1:05 PM
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तारीक रहमान 14 फरवरी को ले सकते हैं बांग्लादेश के PM पद की शपथ

शेख हसीना सरकार के पतन के बाद हुए पहले राष्ट्रीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की भारी जीत के साथ, पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान का देश का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय है। खबर यह भी है कि तारिक रहमान शनिवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद हाल ही में अपने देश लौटे हैं। उन्होंने ढाका-17 और बोगुरा-6, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत हासिल की।

60 साल के तारिक पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के सबसे बड़े बेटे हैं, जिनका पिछले दिसंबर में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उनके पिता पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान थे, जो BNP के संस्थापक थे। जियाउर रहमान की 1981 में एक सैन्य तख्तापलट के दौरान हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद खालिदा जिया ने राजनीति में प्रवेश किया। वह पहली बार 1991 में प्रधानमंत्री बनीं।

तारिक रहमान 2018 में अपनी मां खालिदा जिया के जेल जाने के बाद से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हालांकि, वह 2008 में इलाज के लिए लंदन चले गए थे और वहीं रहते हुए उन पर देश में कई आपराधिक मामले चले।


उन्हें कुछ मामलों में गैरहाजिरी में दोषी ठहराया गया था, जिनमें शेख हसीना की कथित हत्या की साजिश से जुड़ा मामला भी शामिल था। लेकिन 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद ये फैसले पलट दिए गए, जिससे उनकी देश वापसी का कानूनी रास्ता साफ हो गया।

BNP ने चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद विजय जुलूस न निकालने का निर्देश दिया है। पार्टी ने कहा है कि शुक्रवार को देशभर की मस्जिदों में जुमे की नमाज के साथ विशेष दुआ की जाएगी। अन्य धार्मिक स्थलों पर भी प्रार्थना का आयोजन होगा।

35 साल बाद कोई पुरुष बनेगा बांग्लादेश का प्रधानमंत्री

यह चुनाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। 1988 में काजी जफर अहमद आखिरी पुरुष प्रधानमंत्री थे। 1990 के बाद से देश की सरकार दो महिला नेताओं- खालिदा जिया और शेख हसीना- के नेतृत्व में रही है।

करीब साढ़े तीन दशक बाद अब फिर से पुरुष नेतृत्व वाली सरकार बनने की संभावना बनी है।

तारिक रहमान का कार्यकाल बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार देने का वादा किया है। “साफ राजनीति” के साथ अब उन्हें एक समावेशी और मध्यमार्गी सरकार बनानी होगी, जो मानव अधिकार व्यवस्था पर ध्यान दे।

रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी के अंदर उनकी पकड़ काफी मजबूत है। सूत्रों का कहना है कि उम्मीदवार चयन से लेकर गठबंधन की रणनीति तक, उन्होंने खुद नेतृत्व किया है।

हालांकि वे वंशवादी राजनीति से जुड़े परिवार से आते हैं, लेकिन उनके अनुसार उनका मुख्य लक्ष्य लोकतंत्र को फिर से मजबूत करना और जवाबदेह शासन व्यवस्था बनाना है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, “देश तभी आगे बढ़ेगा जब लोकतंत्र का सही तरीके से पालन होगा। हम देश का पुनर्निर्माण करना चाहते हैं।”

Tarique Rahman: पिता राष्ट्रपति, मां तीन बार रहीं प्रधानमंत्री, कौन हैं तारिक रहमान, जो 17 साल के वनवास के संभालेंगे बांग्लादेश की कमान?

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