ब्रिटेन के पूर्व शाही सदस्य प्रिंस एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर पर गंभीर आरोप लगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अपने दौरों के दौरान मसाज और जरूरत से ज्यादा यात्रा खर्च का पैसा टैक्सपेयर्स से वसूल किया। अखबार The Telegraph की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब एंड्रयू 2001 से 2011 तक ट्रेड एनवॉय (व्यापार दूत) थे, तब उनके खर्चों को अधिकारियों ने बिना ज्यादा जांच-पड़ताल के मंजूरी दे दी थी।
यह मामला उस समय फिर सुर्खियों में आया जब एपस्टीन फाइल्स जारी होने के बाद एंड्रयू को हिरासत में लिया गया। बताया जा रहा है कि वे आधुनिक इतिहास में गिरफ्तार होने वाले ब्रिटिश शाही परिवार के पहले सदस्य बने। उन पर सार्वजनिक पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने ट्रेड एनवॉय रहते हुए कारोबारी अपराधी Jeffrey Epstein के साथ गोपनीय जानकारी साझा की थी।
BBC से बात करते हुए एक रिटायर्ड सिविल सेवक ने बताया कि 2000 के शुरुआती सालों में एंड्रयू ने “मसाज सेवाओं” का खर्च भी सरकारी खाते से दिलवाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह गलत लगा और उन्होंने भुगतान से मना कर दिया था, लेकिन सीनियर अधिकारियों ने बाद में उस बिल को मंजूरी दे दी।
पूर्व अधिकारी ने कहा, “मुझे लगा यह गलत है… मैंने कहा था कि इसका भुगतान नहीं होना चाहिए, लेकिन आखिरकार पैसे दे दिए गए।” यह दावा मिडिल ईस्ट यात्रा के बाद सामने आया था।
एक और वरिष्ठ अधिकारी ने भी कहा कि उन्होंने एंड्रयू के दौरों से जुड़े ऐसे ही खर्च देखे थे और उन्हें इन दावों पर “पूरा यकीन” है। उनका कहना था कि ऐसा लगता था जैसे यह निजी पैसा नहीं, बल्कि सरकारी पैसा है, इसलिए बिना ज्यादा सोच-समझ के खर्च किया जा रहा था।
उन्होंने यह भी बताया कि खर्च अलग-अलग बजट में दिखाए जाते थे, जिससे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था। साथ ही, यह साफ नहीं होता था कि एंड्रयू के साथ यात्रा में कौन-कौन शामिल था। अधिकारियों के मुताबिक, उनके दौरों से जुड़े खर्चों पर अक्सर बस औपचारिक मुहर लगा दी जाती थी।