31 जनवरी की रात को सरे के तटीय इलाके क्रिसेंट बीच में हुई गोलीबारी की घटना के बाद कनाडा में तीन भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। सरे पुलिस सर्विस (SPS) की तरफ से जारी एक बयान के अनुसार, तीनों पर अब देश की आपराधिक कानून के तहत औपचारिक रूप से आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि 1 फरवरी, 2026 की सुबह तड़के गिरफ्तारियां की गईं, जब अधिकारियों को क्रिसेंट बीच में क्रिसेंट रोड और 132 स्ट्रीट के पास एक घर के बाहर गोलीबारी और छोटी-मोटी आग लगने की सूचना मिली।
स्थानीय समयानुसार लगभग 3.50 बजे कॉल आई, जब प्रोजेक्ट एश्योरेंस में तैनात SPS सदस्य बल के मेजर क्राइम सेक्शन के समन्वय से क्षेत्र में गश्त कर रहे थे।
पुलिस के बयान के अनुसार, अधिकारियों ने आसपास की सड़कों पर तलाशी शुरू की और कुछ ही समय बाद 28 एवेन्यू और 140 स्ट्रीट के पास तीन संदिग्धों को पकड़ लिया।
राइडशेयर गाड़ी में सवार होने के बाद तीनों को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद SPC के मेजर क्राइम सेक्शन ने जांच का जिम्मा संभाल लिया।
अधिकारियों ने अब तीनों आरोपियों के खिलाफ एक जैसे आरोप लगाए हैं।
हरजोत सिंह (21), तरनवीर सिंह (19) और दयाजीत सिंह बिलिंग (21) पर कनाडा के आपराधिक संहिता की धारा 244.2(1)(ए) के तहत किसी स्थान पर गोली चलाने का एक-एक आरोप है।
पुलिस ने जोर दिया कि जांच जारी है और जैसे-जैसे जांचकर्ता सबूतों की समीक्षा करते रहेंगे और नए सुरागों पर कार्रवाई करते रहेंगे, वैसे-वैसे और भी ज्यादा आरोप भी लगाए जा सकते हैं।
तीनों को हिरासत में भेज दिया गया है और अगली अदालती पेशी तक उन्हें कम से कम 5 फरवरी, 2026 तक जेल में रहना होगा।
पुलिस के बयान में सितंबर 2025 में स्थापित सरे जबरन वसूली इनाम कोष का भी जिक्र किया गया है, जो जबरन वसूली से संबंधित अपराधों में आरोप और सजा दिलाने वाली जानकारी देने वाले व्यक्तियों को 250,000 डॉलर तक का इनाम देता है।