77th Republic Day: 'चीन और भारत अच्छे दोस्त हैं'; चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गणतंत्र दिवस की दी बधाई

77th Republic Day: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार (26 जनवरी) को भारत को उसके 77वें गणतंत्र दिवस पर बधाई दी। जिनपिंग ने 77वें गणतंत्र दिवस पर अपनी भारतीय समकक्ष द्रौपदी मुर्मू को बधाई देते हुए कहा कि भारत-चीन संबंध दोनों देशों और उनके लोगों के मूलभूत हितों के अनुरूप लगातार बेहतर एवं विकसित हो रहे हैं

अपडेटेड Jan 26, 2026 पर 6:13 PM
Story continues below Advertisement
77th Republic Day: शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और भारत अच्छे पड़ोसी, दोस्त और साझेदार हैं

77th Republic Day: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार (26 जनवरी) को भारत और चीन को अच्छे पड़ोसी, दोस्त और साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि ड्रैगन और हाथी का एक साथ डांस करना दोनों देशों के लिए सही विकल्प है। जिनपिंग ने 77वें गणतंत्र दिवस पर अपनी भारतीय समकक्ष द्रौपदी मुर्मू को बधाई देते हुए कहा कि भारत-चीन संबंध दोनों देशों और उनके लोगों के मूलभूत हितों के अनुरूप लगातार बेहतर एवं विकसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व शांति और समृद्धि को बनाए रखने एवं बढ़ावा देने के लिए इनका बहुत महत्व है।

सरकारी न्यूज एजेंसी 'शिन्हुआ' की खबर के मुताबिक, जिनपिंग ने कहा, "चीन हमेशा से यह मानता आया है कि अच्छे पड़ोसी, मित्र और साझेदार बनकर एक-दूसरे की सफलता में मदद करना और ड्रैगन तथा हाथी का एक साथ नृत्य करना चीन और भारत दोनों के लिए सही विकल्प है।"

उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोनों पक्ष इस महत्वपूर्ण सहमति का पालन करेंगे कि चीन और भारत “सहयोग तथा विकास के अवसरों के साझेदार हैं। साथ ही रणनीतिक संचार को मजबूत करेंगे, आदान-प्रदान एवं सहयोग का विस्तार करेंगे। एक-दूसरे की चिंताओं का समाधान करेंगे तथा चीन-भारत संबंधों के स्वस्थ एवं स्थिर विकास को बढ़ावा देंगे।


शिन्हुआ की खबर के अनुसार, इसके साथ ही चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई संदेश भेजा। पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के बाद 2020 से दोनों देशों के बीच ठंडे पड़े रिश्ते प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच दो शिखर सम्मेलनों के बाद सुधरने लगे।

दोनों नेताओं की पहली मुलाकात 2024 में कजान में हुई थी, जिसके बाद पिछले साल अगस्त में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान तियानजिन में एक और बैठक हुई थी। पिछले कुछ महीनों में भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चार साल से अधिक समय तक जारी रहे सैन्य गतिरोध को समाप्त करने के बाद अपने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए कई उपाय शुरू किए हैं।

ट्रंप ने भी दी बधाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह पर बधाई देते हुए कहा कि दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते अमेरिका और भारत एक ऐतिहासिक बंधन साझा करते हैं। ट्रंप की शुभकामनाएं ऐसे वक्त आई हैं जब अमेरिका की व्यापार और टैरिफ नीतियों सहित कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव है। उन्होंने कहा, "अमेरिका की जनता की ओर से, मैं भारत सरकार और लोगों को उनके 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हार्दिक बधाई देता हूं।"

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "अमेरिका और भारत दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते एक ऐतिहासिक बंधन साझा करते हैं।" ट्रंप का यह संदेश नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत को शुभकामनाएं दीं। ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक ऐतिहासिक जुड़ाव है।

उन्होंने कहा, "रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती टेक्नोलॉजी पर हमारे घनिष्ठ सहयोग से लेकर ‘क्वाड’ के माध्यम से हमारी बहुस्तरीय भागीदारी तक अमेरिका-भारत संबंध हमारे दोनों देशों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए वास्तविक परिणाम प्रदान करते हैं।" रूबियो ने एक बयान में कहा कि वह साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने को लेकर आशान्वित हैं।

ये भी पढ़ें- 77th Republic Day: 'गणतंत्र दिवस की मुख्य अतिथि बनना सम्मान की बात'; भारत की मुरीद हुईं यूरोपीय संघ प्रमुख एंटोनियो कोस्टा

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के बाद भारत को बधाई दी। उन्होंने कहा, "भारत को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! भारत के संविधान और लोकतांत्रिक भावना के उत्सव, गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। भारतीय आकाश में अमेरिका निर्मित विमान को उड़ते देखकर रोमांचित हूं, जो अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी की शक्ति का एक सशक्त प्रतीक है।"

परेड में अमेरिका निर्मित परिवहन विमान सी-130जे और अपाचे हेलीकॉप्टर सहित कई लड़ाकू विमान थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में भारी गिरावट आई, जिसमें रूसी तेल खरीद पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क भी शामिल था। टैरिफ के अलावा, कई अन्य मुद्दों पर भी संबंध तनावपूर्ण है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।