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China Mother Of All Dams: चीन के 'मदर ऑफ ऑल डैम्स' पर भारत की नजर, दुनिया के सबसे बड़े हाइड्रोपावर बांध को बताया जा रहा 'वॉटर बम'

China Mother Of All Dams: रिपोर्ट में कहा गया है कि तिब्बती क्षेत्र में यारलुंग त्सांगपो नदी पर बन रहा डैम्स दुनिया का सबसे शक्तिशाली बांध होगा। ऐसा लगता है कि बीजिंग इसके जरिए न केवल एनर्जी सप्लाई बढ़ाना चाहता है। बल्कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर हालिया तनाव के बीच भारत सीमा पर अपनी स्थिति भी मजबूत करना चाहता है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Dec 17, 2025 पर 5:19 PM
China Mother Of All Dams: चीन के 'मदर ऑफ ऑल डैम्स' पर भारत की नजर, दुनिया के सबसे बड़े हाइड्रोपावर बांध को बताया जा रहा 'वॉटर बम'
China Mother Of All Dams: रिपोर्ट में कहा गया है कि यह डैम्स दुनिया का सबसे शक्तिशाली बांध होगा

Mother of all dams: चीन तिब्बती क्षेत्र में यारलुंग त्सांगपो नदी पर 168 अरब डॉलर का दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रोपावर बांध का निर्माण कर रहा है। इसे 'मदर ऑफ ऑल डैम्स' कहा जा रहा है। इसे लेकर रणनीतिक के साथ-साथ पर्यावरणीय आशंकाएं भी सामने आ रही हैं। इसके चलते भारत ने चिंता जताई है। इस नदी को भारत में ब्रह्मपुत्र के नाम से जाना जाता है। इस प्रोजेक्ट में पारदर्शिता की कमी और पानी को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की भारत में फैली चिंताओं के कारण यह डैम चर्चा में आ गया है।

एक डिटेल्ड रिपोर्ट में CNN ने बताया कि चीन द्वारा इंजीनियरिंग का अजूबा कहे जाने वाले इस बांध के बारे में पारदर्शिता की कमी से पड़ोसी देश भारत में बेचैनी बढ़ रही है। भारत ने पहले ही अपनी चिंताएं जाहिर चुका है। नई दिल्ली ने कहा है कि वह निर्माण पर करीब से नजर रख रहा है। चीन का यह प्रोजेक्ट तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो पर है, जो आगे चलकर ब्रह्मपुत्र नदी बन जाती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह डैम्स दुनिया का सबसे शक्तिशाली बांध होगायह राष्ट्रपति शी जिनपिंग की राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने की महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार योजना का हिस्सा है। ऐसा लगता है कि बीजिंग इसके जरिए न केवल एनर्जी सप्लाई बढ़ाना चाहता है। बल्कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर हालिया तनाव के बीच भारत सीमा पर अपनी स्थिति भी मजबूत करना चाहता है।

तैयार होने के बाद यह डैम थ्री गॉर्जेस डैम से तीन गुना अधिक शक्तिशाली होगा, जो चीन में ही स्थित है। वह अभी दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रोपावर स्टेशन है। नई दिल्ली स्थित एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के असिस्टेंट डायरेक्टर ऋषि गुप्ता ने CNN को बताया कि यह बांध रणनीतिक रूप से सही जगह पर बनाया गया है।

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