Strait of Hormuz Blockade: ‘हमारे मामले में दखल न दे’, होर्मुज नाकेबंदी पर चीन की अमेरिका को कड़ी चेतावनी

Strait of Hormuz Blockade: चीन ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी लगाने को लेकर अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। चीन ने साफ कहा है कि ईरान के साथ उसके द्विपक्षीय संबंध और व्यापारिक रिश्ते हैं, जो जारी रहेंगे। उसमें हस्तक्षेप न करें। इसमें किसी तीसरे देश को दखल देने की कोई इजाजत नहीं है।

अपडेटेड Apr 14, 2026 पर 9:13 AM
होर्मुज नाकेबंदी पर चीन ने अमेरिका को दी चेतावनी

Strait of Hormuz Blockade: चीन ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी लगाने को लेकर अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। चीन ने साफ कहा है कि ईरान के साथ उसके द्विपक्षीय संबंध और व्यापारिक रिश्ते हैं, जो जारी रहेंगे। उसमें हस्तक्षेप न करें। इसमें किसी तीसरे देश को दखल देने की कोई इजाजत नहीं है। बता दें कि अमेरिका की ओर से नौसैनिक नाकेबंदी लगाए जाने के कारण चीन जा रहे कम से कम दो तेल और कैमिकल टैंकरों को होर्मुज से वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। जिस वजह से चीन अमेरिका पर भड़का हुआ है।

चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने कहा कि बीजिंग तेहरान के साथ अपने व्यापार और ऊर्जा से जुड़े वादों को निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि चीनी पोत इस इलाके में अपना काम जारी रखेंगे और किसी बाहरी दखल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “हमारे जहाज होर्मुज स्ट्रेट में आ-जा रहे हैं। ईरान के साथ हमारे व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं। हम इन समझौतों का सम्मान करेंगे और उम्मीद करते हैं कि कोई और हमारे मामलों में दखल न दे।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान होर्मुज को नियंत्रित करता है और यह चीनी जहाजों के लिए खुला है।


समुद्री ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, अमेरिका की ओर से नौसैनिक नाकाबंदी लागू किए जाने के बाद कम से कम दो तेल और कैमिकल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से वापस लौटना पड़ा, जिसके बाद बीजिंग ने यह चेतावनी जारी की। मरीनट्रैफिक के आंकड़ों से पता चला है कि रिच स्टारी नाम का एक जहाज, जो चीन जा रहा था, नाकाबंदी लागू होने के कुछ ही मिनटों के अंदर अपना रास्ता बदल लिया।

क्यों अहम है होर्मुज का यह रास्ता?

यह समुद्री रास्ता बीजिंग के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इससे उसके लगभग 40% तेल और कम से कम 30% LNG की सप्लाई होती है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक दुनिया का एक अहम एनर्जी कॉरिडोर है, जिससे होकर दुनिया के तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में जहाजों के आवागमन में किसी भी तरह की रुकावट का वैश्विक बाजारों और ऊर्जा सुरक्षा पर तुरंत प्रभाव पड़ता है।

ट्रंप का नाकेबंदी का ऐलान

अमेरिका ने सोमवार को नाकाबंदी लागू की। इस दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि ईरानी बंदरगाहों में आने या वहां से बाहर निकलने वाले जहाजों को रोका जाएगा। उन्होंने ईरान की नौसेना को भी कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी जहाजों के पास आने वाली किसी भी "तेज हमले वाली" नाव को "नष्ट" कर दिया जाएगा।

ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, "अगर इनमें से कोई भी जहाज हमारी नाकाबंदी के करीब आता है, तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा, उसी तरीके से जैसे हम समुद्र में नावों पर सवार ड्रग डीलरों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं।"

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने क्या कहा?

वहीं, यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि यह नाकेबंदी ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी जहाजो को निशाना बनाएगी। एक बयान में, CENTCOM ने कहा कि यह कदम ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों का इस्तेमाल करने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ लागू किया जाएगा। इससे चीन के साथ अमेरिका का तनाव बढ़ा है। ट्रंप ने चीन को 50% टैरिफ लगाने की धमकी भी दी है।

बता दें कि यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम के बाद हुई बातचीत के विफल होने के बाद उठाया गया है।

होर्मुज स्ट्रेट क्यों चर्चा में

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम समुद्री रूट है। यहां से दुनियाभर में तेल-गैस की सप्लाई की जाती है। लेकिन जब (28 फरवरी) से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया है, तभी से ईरान ने इस समुद्री कॉरिडोर को अपने कंट्रोल में ले लिया है। जिस वजह से दुनियाभर में तेल-गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसने अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप को परेशान किया है। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार होर्मुज स्ट्रेट पर बयान दिए हैं।

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