Dalai Lama-Jeffrey Epstein: तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा के कार्यालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स की कड़ी आलोचना की है, जिनमें बौद्ध धर्मगुरु का नाम अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। एक आधिकारिक बयान में दलाई लामा के कार्यालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 'परम पावन दलाई लामा कभी भी जेफ्री एपस्टीन से नहीं मिले हैं और न ही उन्होंने अपनी ओर से किसी को एपस्टीन के साथ बैठक या बातचीत करने के लिए अधिकृत किया था।' यह स्पष्टीकरण अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा 'एपस्टीन फाइल्स' के तहत जारी किए गए लाखों दस्तावेजों के बाद आया है, जिसमें दुनिया की कई बड़ी हस्तियों के नाम सामने आए हैं।
'प्रतिष्ठा धूमिल करने की है कोशिश'
इन तमाम दावों को खारिज करते हुए दलाई लामा के कार्यालय ने कहा है कि अगर ऐसी कोई मुलाकात हुई भी है, तो वह न तो पूर्व-निर्धारित थी और न ही उसे आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई थी। गौरतलब है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने 'एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट' के तहत 30 लाख से अधिक दस्तावेज, 2000 वीडियो और लगभग 1.8 लाख तस्वीरें जारी की है। हालांकि इनमें से कई पन्ने धुंधले हैं, लेकिन बिल गेट्स और क्लिंटन परिवार जैसे बड़े नामों के साथ दलाई लामा का जिक्र होने से इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया है। दलाई लामा के अनुयायियों और कार्यालय का मानना है कि ये केवल उनके नाम का इस्तेमाल कर प्रतिष्ठा धूमिल करने की कोशिश है।
एपस्टीन फाइल्स में कई बार आया दलाई लामा का नाम
हाल ही में जारी 'एपस्टीन फाइल्स' में दलाई लामा का नाम कथित तौर पर 169 बार आया है, जिससे वैश्विक स्तर पर बहस छिड़ गई है। इन फाइलों में मौजूद कुछ ईमेल से पता चलता है कि एपस्टीन उन कार्यक्रमों में शामिल होने की योजना बना रहा था जहां दलाई लामा मौजूद रहने वाले थे। साल 2012 के एक ईमेल में किसी अज्ञात द्वीप पर होने वाली सभा में दलाई लामा की उपस्थिति का जिक्र है, जबकि 2015 के एक अन्य ईमेल में एपस्टीन के सहयोगियों के बीच 'दलाई लामा को डिनर पर बुलाने' और उनके किसी छात्र के माध्यम से संपर्क साधने की बातचीत दर्ज है। इसके अलावा अमेरिकी पत्रकार माइकल वोल्फ ने भी दावा किया था कि उन्होंने एपस्टीन के मैनहट्टन स्थित घर पर दलाई लामा को देखा था।