Fitna al Hindustan: भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में पाकिस्तान पर तीखा प्रहार करते हुए सोमवार (8 जून) को कहा कि इस्लामाबाद द्वारा अपनी सीमाओं के भीतर सक्रिय समूहों को 'फितना अल-हिंदुस्तान' कहना कुछ और नहीं। बल्कि धार्मिक शब्दावली में लिपटा आधिकारिक रूप से प्रायोजित गलत सूचना फैलाने का अभियान और दुष्प्रचार है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई बैठक के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा बयान दिया।
भारत ने अफगानिस्तान के अंदर इस्लामाबाद के सैन्य हमलों की निंदा करते हुए इसे 'नरसंहा' बताया। साथ ही आरोप लगाया कि इससे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन हुआ है और बड़ी संख्या में आम नागरिक हताहत हुए हैं।
पर्वतनेनी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने सरकारी अधिसूचनाएं जारी कर अपनी सरकारी एजेंसियों को अपनी सीमाओं के भीतर सक्रिय समूहों को 'फितना अल-हिंदुस्तान' कहना शुरू करने का निर्देश दिया है, जो और कुछ नहीं। बल्कि 'धार्मिक शब्दावली में लिपटा आधिकारिक रूप से प्रायोजित गलत सूचना फैलाने का अभियान और दुष्प्रचार' है।
पाकिस्तानी मीडिया द्वारा प्रसारित खबरों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय सभी आतंकवादी समूहों और संगठनों को पिछले साल आधिकारिक रूप से 'फितना अल-हिंदुस्तान' करार दिया था। बिना कोई सबूत दिए पाक ने आरोप लगाया था कि ये संगठन भारत के इशारे पर आतंकवाद में शामिल हैं।
पर्वतनेनी ने इसे पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान से संचालित नफरत की ऐसी संगठित फैक्टरी का परिणाम बताया। इसका उद्देश्य अपने नागरिकों को भारत के खिलाफ स्थायी शत्रुता की स्थिति में रखना है। ताकि सत्ता पर उनकी पकड़ बनी रहे। साथ ही राष्ट्रीय संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके तथा लोगों का ध्यान मुख्य राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं से हटाया जा सके।
भारत ने तख्तापलट का किया जिक्र
उन्होंने कहा कि 27वें संविधान संशोधन के जरिए सेना द्वारा किया गया वास्तविक तख्तापलट इसका सबसे हालिया उदाहरण है। भारतीय दूत ने पाकिस्तान की संसद द्वारा पिछले वर्ष पारित संविधान संशोधन का उल्लेख करते हुए यह बात कही जिसके तहत चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) का पद सृजित किया गया था। इसके बाद फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को पाकिस्तान का पहला सीडीएफ नियुक्त किया गया।
भारत ने की अफगानिस्तान पर हमले की निंदा
यूएनएससी की बैठक में भारतीय दूत ने अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान के सैन्य हवाई हमलों की भी कड़ी निंदा की। पर्वतनेनी ने कहा, "मैं फिर दोहराता हूं। किसी नरसंहार को सैन्य अभियान का रूप देने से अपराधी की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। आम नागरिकों की हत्या करना, उन्हें अपंग बनाना और बच्चों को अनाथ करना आतंकवाद-रोधी कार्रवाई नहीं है।"
उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में बेरहमी से हवाई हमले करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता के उच्च सिद्धांतों की बात करना पाखंड का सबसे सटीक उदाहरण है। भारतीय दूत ने कहा, "अपनी नाकामियों के लिए पड़ोसियों को दोष देना पाकिस्तान की पुरानी आदत है। दुनिया को गुमराह करने की यह कोशिश नाकाम होगी।"