अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला के सीईओ एलॉन मस्क के रिश्तों में कड़वाहट हद से ज्यादा भर गई है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मस्क ने जो आरोप ट्रंप पर लगाए गए हैं, वह न सिर्फ बेहद गंभीर हैं बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति की छवि को गहरी चोट पहुंचाने वाले हैं। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है, जिसमें यह कहा है कि ट्रंप का नाम जेफरी एपस्टीन डॉक्युमेंट्स में शामिल है।
मस्क ने यहां तक कहा है कि एपस्टीन डॉक्युमेंट्स को सार्वजनिक नहीं करने के पीछे यही मुख्य वजह है। इस आरोप के बाद ट्रंप के बारे में लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि मस्क के दावे में सच्चाई हो सकती है। सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि एपस्टीन डॉक्युमेंट्स क्या है और जेफरी एपस्टीन कौन था।
एपस्टीन क्यों चर्चा में रहता था?
जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक बड़ा फाइनेंसर था। उसके पास अकूत संपत्ति थी। इस सपंत्ति की बदौलत उसने दुनिया की बड़ी हस्तियों के साथ करीब संबंध बनाए। उसे सुंदर महिलाओं से घिरे रहना पसंद था। वह बड़ी-बड़ी पार्टियां करता था, जिसमें बड़ी संख्या में खूबसूरत महिलाएं शामिल होती थी। इन पार्टियों में वह अमीर और प्रभावशाली अमेरिकी लोगों को आमंत्रित करता था। इन पार्टियों पर वह पानी की तरह पैसे बहाता था।
एपस्टीन को क्यों जेल जाना पड़ा?
बताया जाता है कि उसने मिस स्वीडन ईवा एंडरसन और मशहूर पब्लिशर रॉबर्ट मैक्सवेल की बेटी तक को डेट किया था। उसकी दुनिया तब उजड़नी शुरू हो गई जब उस पर नाबालिगों से वेश्यावृति कराने के आरोप में मुकदमा चला। कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद उसे यौन अपराधों का दोषी पाया। उसे जेल की सजा हुई। 10 साल तक जेल में बिताने के बाद 2019 में उसने जेल में ही आत्महत्या कर ली।
क्या ट्रंप और एप्सटीन दोस्त थे?
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एक समय ट्रंप और एपस्टीन के बीच करीबी रश्ते थे। यह सही लगता है क्योंकि मीडिया में ऐसे कई फोटों आए हैं, जिनमें दोनों एकसाथ दिख रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में ट्रंप के पुराने इंटरव्यू के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई मौकों पर एपस्टीन की तारीख की थी। उन्होंने यहां तक कहा था कि दोनों (ट्रंप और एपस्टीन) के शौक एक जैसे थे।
क्या दोनों के रिश्ते बाद में टूट गए थे?
माना जा रहा है कि इसका मतलब खूबसूरत महिलाओं में दोनों की दिलचस्पी से है। हालांकि, कई सालों की दोस्ती के बाद साल 2000 के बाद ट्रंप और एपस्टीन के रिश्तों में दरार आ गई थी। लेकिन, इस दरार के पहले दोनों के रिश्तों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
क्या ट्रंप पर लगे आरोप सही हैं?
एपस्टीन के करतूतों में ट्रंप शामिल थे या नहीं, इसका पता तो एपस्टीन डॉक्युमेंट्स सार्वजनिक होने के बाद ही पता चल पाएगा। लेकिन, यह सच है कि महिलाओं में ट्रंप की दिलचस्पी कोई छुपी हुई बात नहीं है। उन पर ऐसे कई गंभीर आरोप लग चुके हैं, जिससे इसका संकेत मिलता है। यहां तक कि ऐसे मामलों में उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा तक चला है।
अब सवाल है कि अगर एपस्टीन डॉक्युमेंट्स सार्वजनिक होने पर ट्रंप का नाम उसमें शामिल होता है तो क्या होगा? डेमोक्रेटिक पार्टी के सासंदों ने मस्क के इस आरोप के बाद एपस्टीन डॉक्युमेंट्स सार्वजनिक करने की मांग की है। इससे ट्रंप पर दबाव बढ़ गया है। इस बात की भी संभावना है कि यह मामला कोर्ट में जा सकता है। अगर कोर्ट ने एपस्टीन फाइल्स सार्वजनिक करने का आदेश दिया तो ट्रंप के नहीं चाहने के बावूजद सच्चाई सामने आ जाएगी। अगर एपस्टीन के घिनौने करतूतों में ट्रंप में शामिल पाए गए तो इससे अमेरिका के राष्ट्रपति पद की प्रतिष्ठा को गंभीर धक्का लगेगा। इससे न सिर्फ ट्रंप का सिर शर्म से झुक जाएगा बल्कि हर अमेरिकी खुद को शर्मिंदा पाएगा।